पानीपत। ऊंचाहार एक्सप्रेस में बम की अफवाह फैलने से अफरा-तफरी मच गई। कई यात्री ट्रेन से नीचे तक उतर आए। आरपीएफ और जीआरपी के भी पसीने छूट गए। आरपीएफ ने बॉगी में सीट पर मिले बैग की चेकिंग के बाद राहत की सांस ली। आरपीएफ ने बाद में बैग के मालिक को फोन कर इसकी सूचना दी और उसे लौटा दिया।
14214 ऊंचाहार एक्सप्रेस शनिवार सुबह अपने निर्धारित समय से पौने घंटे लेट पहुंची। ट्रेन की बॉगी एस-4 में एक सीट पर लावारिस बैग रखा था। उस पर निगाह पड़ते ही यात्रियों ने बम की अफवाह फैला दी। इस पर ट्रेन में अफरा-तफरा मच गई। बम की सूचना पर आरपीएफ प्रभारी जीएस गौतम के नेतृत्व में टीम मौके पर पहुंची और ट्रेन की बॉगी की जांच की। इसके बाद टीम ने ट्रेन में रखे लावारिस बैग को कब्जे में लिया। आरपीएफ को चेकिंग के दौरान उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। बैग में मिलने कागजात के आधार पर उसके मालिक से संपर्क किया गया। बैग जमसेरपुर निवासी आलोक का निकला। वह ट्रेन में ही बैग भूल गया था।
बैग रख दोस्त के पास बैठ गया
आरपीएफ की पूछताछ में आलोक ने बताया कि ऊंचाहार एक्सप्रेस से अंबाला अपने पिता के पास जा रहा था। बैग को सीट पर रखकर वह दूसरी बॉगी में अपने दोस्त के पास जाकर बैठ गया। करनाल पहुंचने पर आरपीएफ ने फोन करके बैग के बारे में सूचना दी।
स्टेशन पर दिनभर रहा अलर्ट
ट्रेन में बम की अफवाह के बाद रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी दिनभर अलर्ट रही। रेलवे परिसर में यात्रियों के सामान की गहनता से जांच की गई। इसके बाद मुख्य गेट से यात्रियों को अंदर आने दिया गया।
ऊंचाहार एक्सप्रेस में एक लावारिस बैग मिला था। वह जमसेरपुर निवासी आलोक का था। वह बैग को ट्रेन में भूल गया था। बाद में यात्री करनाल से वापस आया और बैग ले गया।
जीएस गौतम, प्रभारी, आरपीएफ, पानीपत।