पानीपत। भारत और यूरोपीय संघ (ईयू) के साथ फ्री ट्रेड डील से औद्योगिक नगरी के निर्यातकों को व्यापार की उम्मीद जगी है। व्यापारी ईयू के अंतर्गत 27 देशों में फ्री व्यापार कर सकेंगे। इससे पहले इन देशों में टेक्सटाइल उत्पादों पर 12 प्रतिशत टैरिफ था। नए समझौते में इसे खत्म कर शून्य कर दिया है, ऐसे में पानीपत समेत देशभर के निर्यातक चीन, ताइवान, पाकिस्तान और बांग्लादेश को चुनौती देंगे।
पानीपत से अंतरराष्ट्रीय बाजार में हर साल करीब 20 हजार करोड़ का निर्यात था, इसमें करीब आधा अमेरिका में था। एक तरह से अमेरिका भारतीय उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे बड़ी मंडी थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय उत्पादों पर टैरिफ छह से बढ़ाकर 50 कर दिया था, ऐसे में बायर्स ने ऑर्डर देना बंद कर दिए थे। अब अमेरिका के साथ करीब 20 प्रतिशत व्यापार बच गया है। करीब 80 प्रतिशत व्यापार बंद हो गया है। निर्यातकों ने जर्मनी में 13 से 16 जनवरी को आयोजित अंतरराष्ट्रीय टेक्सटाइल मेले में भी अपेक्षाकृत ऑर्डर नहीं मिल पाए थे। अमेरिका के बायर्स ने भारतीय स्टॉल से दूरी बनाए रखी थी, इससे पहले की प्रदर्शनी में अमेरिका के बायर्स सबसे ज्यादा ऑर्डर देते थे, ऐसे में नए देशों से व्यापारिक समझौते की लगातार मांग की जा रही थी। भारत और यूरोपियन (ईयू) के साथ नया व्यापारिक समझौता किया गया है।
हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय उत्पाद लगातार कमजोर हो रहा था। अब तक इन देशों में 12 प्रतिशत टैरिफ था। अब यह घटाकर शून्य कर दिया है। ईयू के साथ फ्री ट्रेड डील के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में टेक्सटाइल उत्पाद मजबूत होगा। चीन समेत कई देशों को रेट के मामले में भी टक्कर दी जाएगी।
इंस्ट्रीयल एस्टेट सेक्टर-29-वन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने कहा कि अमेरिका के 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बाद निर्यात लगातार घट रहा था, ऐसे में निर्यातकों के सामने लगातार चुनौती बनी हुई थी। भारत और ईयू के साथ नए व्यापारिक समझौते से 27 देशों में व्यापार जुड़ा है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में टेक्सटाइल मजबूत होगा, इसके साथ नए बाजार भी मिलेंगे।
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने बताया कि भारत-ईयू के साथ नए व्यापारिक समझौते से पानीपत ही नहीं प्रदेश व देश के उत्पादों की मांग बढ़ेगी। इससे लगातार घटता निर्यात मजबूत होगा, इसके लिए नए व्यापारिक मेले लगाने की जरूरत है। व्यापारी भी इसमें लिए लगातार काम कर रहे हैं। अब बजट से भी व्यापारियों की काफी उम्मीद है।
रमेश वर्मा।
रमेश वर्मा।
रमेश वर्मा।
रमेश वर्मा।
रमेश वर्मा।