बराड़ा। बराड़ा निवासी व्यक्ति ने लोन दिलाने के नाम पर 55 हजार लेने और फिर उसकी जानकारी के बिना उसके नाम पर 5.70 लाख का एक और ऋण स्वीकृत कराने का गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक को दरखास्त दी है।
शिकायतकर्ता ने आरोपी मनप्रीत सिंह उर्फ मान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। थंबड़ निवासी शिकायतकर्ता रवि कुमार ने 8 अगस्त को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी थी। जिसमें बताया था कि बराड़ा के प्रीत नगर निवासी आरोपी मनप्रीत सिंह खुद को सरकारी और निजी बैंकों का लोन एजेंट बताता था। शिकायतकर्ता रवि कुमार को निजी और पारिवारिक जरूरतों के लिए रुपये की जरूरत थी। आरोपी मनप्रीत ने 7.50 लाख रुपये का लोन दिलाने का आश्वासन दिया, जिसके बदले उसने 55,000 मांगे। रवि कुमार ने शुरुआती तौर पर 35,000 और जरूरी दस्तावेज मनप्रीत को सौंप दिए। छह महीने बाद पंजाब नेशनल बैंक की शाखा से शिकायतकर्ता के नाम पर चार लाख का लोन स्वीकृत हुआ। शिकायतकर्ता ने शेष राशि आरोपी मनप्रीत को दे दी। जब पीड़ित ने 7.50 लाख की जगह चार लाख रुपये का लोन आने पर सवाल किया तो आरोपी ने सब्सिडी की राशि जल्द आने का झूठा आश्वासन दिया। पीड़ित ने 8-9 महीने तक इस लोन की किस्त भी भरी। इसके बाद 6 मार्च को बैंक से एक कानूनी नोटिस मिलने पर आवेदक को पता चला कि उसके नाम पर 5.70 लाख रुपये का एक और लोन स्वीकृत हुआ है, जिसकी राशि भी उसके खाते से ट्रांसफर हो चुकी है। आवेदक का कहना है कि उसे इस दूसरे लोन की कोई जानकारी नहीं थी और यह सब आरोपी मनप्रीत ने धोखाधड़ी करके किया है। शिकायतकर्ता ने बैंक से दोनों खातों का स्टेटमेंट प्राप्त किया। संवाद