सिविल अस्पताल से एंबुलेंस में पेट्रोल और डीजल डलवाने में एक फर्जीवाड़ा सामने आया है। एक एंबुलेंस के चालक ने ही अपने फ्लीट मैनेजर पर घपले का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जिन एंबुलेंस को छह माह पहले कंडम घोषित कर खड़ा कर दिया गया था उनमें तेल डलवाने के नाम पर अब भी पैसे पास कर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। चालक की इस मौखिक शिकायत पर सिविल सर्जन ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग, डॉ. सुनील संडुजा और अकाउंट क्लर्क धीरज के रूप में एक कमेटी का गठन कर दिया है। सीएमओ ने जल्द पूरे मामले की रिपोर्ट भी मांगी है।
पिछले साल विभाग की ओर से पांच एंबुलेंस को कंडम घोषित कर दिया गया था। दो एंबुलेंस जून 2019 में कंडम घोषित हुईं थीं। ये सभी एंबुलेंस सिविल अस्पताल में ही खड़ी हैं। एंबुलेंस चालक कृष्ण कुमार ने आरोप लगाए हैं कि एंबुलेंस एचआर 55-4963 जोकि जून 2019 में कंडम घोषित हैं। उसके नाम पर दूसरी एंबुलेंस में 5 दिसंबर 2019 को 3 हजार रुपये का डीजल डलवाया गया है। ऐसे ही एचआर 68-9871 कंडम एंबुलेंस में भी कागजों में 3 दिसंबर 2012 को डीजल डला हुआ दर्शाया गया है, जबकि ये एंबुलेंस चलती ही नहीं। ऐसे ही एचआर 06-एएच-4999, एचआर-06-एएच 6779 और एचआर-67ए-7721 में भी कागजों में डीजल डला हुआ दर्शाया जा रहा है, जबकि ये एंबुलेंस कंडम घोषित हो चुकी हैं। अस्पताल में एंबुलेंस में डीजल डलवाने के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। उन्होंने ये शिकायत मौखिक रूप से सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान को दी। डॉ. कादियान ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक कमेटी का गठन कर दिया है।
सभी आरोप बेबुनियाद हैं, हर जांच के लिए तैयार : ऋषिपाल
उन पर जो आरोप लगाए गए हैं वो बेबुनियाद हैं। वो हर जांच के लिए तैयार हैं। उन्होंने पुरानी एंबुलेंस के पेट्रो कार्ड का प्रयोग अनुमति लेकर किया है, क्योंकि नई एंबुलेंस के पेट्रो कार्ड नहीं आए थे।
-ऋषिपाल, फ्लीट मैनेजर सिविल अस्पताल
जांच में जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी : डॉ. गर्ग
पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। हर पहलू की गंभीरता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा कार्रवाई होगी।
-डॉ. शशि गर्ग, डिप्टी सिविल सर्जन पानीपत।