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Panipat News: चार माह की गर्भवती किशोरी आज बाल कल्याण समिति के समक्ष बयां करेगी दर्द

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पानीपत। चार माह की गर्भवती किशोरी की सोमवार को लघु सचिवालय स्थित बाल कल्याण समिति कार्यालय में काउंसलिंग की जाएगी। इसमें एकबार फिर किशोरी अपना दर्द बयां कर गर्भपात की गुहार लगाएगी। इसके बाद महिला पुलिस कर्मचारी उसका जिला नागरिक अस्पताल में चेकअप कराएगी। साथ ही बाल कल्याण समिति की ओर से उत्तर प्रदेश पुलिस से भी इस केस के बारे में चर्चा की जाएगी। विदित हो कि मामले को पुराना औद्योगिक क्षेत्र थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश के नजीराबाद पुलिस थाने में ट्रांसफर किया है।
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उत्तर प्रदेश के फैजाबाद क्षेत्र की किशोरी अपने परिवार के साथ पुराना औद्योगिक क्षेत्र में रहती है। वह यहीं पर सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा की छात्रा थी। 19 जनवरी को अपनी मां के साथ बुआ के पास गई थी, जहां पर किशोरी का विवाह जबरन उसकी बुआ के बेटे संग कर दिया गया। शादी के बाद उसका पति दलीप उसे कानपुर ले गया। 15 फरवरी को दलीप ने कॉल कर किशोरी की मां को बताया कि उसकी बेटी की तबीयत ठीक नहीं है। वह कानपुर जाकर अपनी बेटी को ले आए। किशोरी की मां उसे उत्तर प्रदेश से वापस पानीपत घर ले आई। मार्च में उन्हें पता चला कि किशोरी लगभग तीन माह की गर्भवती है। इसके बाद किशोरी के पति दलीप ने कॉल कर उसकी मां को कहा कि वह अब उसे अपने साथ लेकर नहीं जाएगा। उसने दूसरी शादी कर ली है। वह डर के मारे पुलिस के पास नहीं गए, क्योंकि बाल विवाह हुआ था। अब किशोरी पेट में पल रहे बच्चे को जन्म नहीं देना चाहती, इसलिए वह गर्भपात कराने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की गुहार लगा रही है।
मामले में जीरो एफआईआर दर्ज कर पानीपत पुलिस ने मामले को उत्तर प्रदेश के नजीराबाद थाने भेज दिया है। अब सोमवार को राज्य बाल सरंक्षण आयोग उत्तर प्रदेश पुलिस से मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट लेगा। दूसरी ओर किशोरी का कहना है कि आरोपी ने उसका जीवन बर्बाद कर दिया है। वह चाहती है कि आरोपी पर पुलिस जल्द कार्रवाई करे। साथ ही उसका जल्द गर्भपात हो ताकि वह दोबारा स्कूल में दाखिला ले सके।
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यह है गर्भपात की प्रक्रिया-
बाल कल्याण समिति के सदस्य डॉ. मुकेश आर्य ने बताया कि ऐसे मामलों में पहले आरोपी पर एफआईआर होती है। फिर पुलिस पीड़िता को उनके कार्यालय में लेकर आएगी। वह पीड़िता के माता-पिता से गर्भपात के लिए पूछेंगे। अगर वह हामी भरते हैं तो उनके साइन कराए जाते हैं। फिर सीडब्ल्यूसी की ओर से सिविल सर्जन को गर्भपात के लिए पत्र लिखा जाता है। सिविल सर्जन पीड़िता की जांच के बाद गर्भपात की अनुमति देते हैं। इस पूरी प्रक्रिया में एफआईआर होने के बाद दो-तीन दिन का वक्त लगता है।



वर्जन-



राज्य बाल सरंक्षण आयोग की सदस्य मीनू देवी ने बताया कि बाल कल्याण समिति आज किशोरी से बातचीत करेगी। उसका हाल जानेगी। साथ ही उत्तर प्रदेश पुलिस से संपर्क किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में ही किशोरी का मेडिकल होगा और सैंपल लिए जाएंगे। मामले में आरोपी पर निश्चित तौर पर कार्रवाई होगी।
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