पानीपत। गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज के अवतरण दिवस के उपलक्ष्य पर सेक्टर 13/17 सामुदायिक केंद्र में हवन एवं गीता पाठ करने के साथ सेवा कार्य किए गए। इस दौरान गीता मनीषी ने कहा कि सेवा करना मनुष्य का प्रथम कर्तव्य है।
स्वास्थ्य जांच शिविर में 575 लोगों के स्वास्थ्य की जांच की। जिसमें प्रमुख रूप से आंखों की जांच के 275 लोगों ने लाभ उठाया। वहीं 86 यूनिट रक्तदान किया गया। दंत चिकित्सक ने 65 लोगों की जांच कर उनको दांतों की देखभाल के बारे में बताया।
गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज ने गीता के अष्टाध्याशी श्लोक का उच्चारण कर हवन में आहुतियां डाली। ब्रह्मऋषि श्रीनाथ, अवध धाम से पंडित राधे राधे महाराज, पंडित विजय व अन्य लोगों ने हवन में आहुति डाली। कार्यक्रम के संयोजक सुरेश अरोड़ा व चंद्रशेखर शर्मा रहे।
गीता मनीषी ने कहा कि गीता में हर वर्ग के कल्याण की बात कही गई है। हमें गीता के श्लोकों को पढ़कर उनको अपने जीवन में लागू करना चाहिए। इससे व्यक्तित्व का विकास होगा और वह खुद की बजाय समाज व देश की भलाई के काम करेगा। उन्होंने कहा कि व्यक्ति आज भाग दौड़ के जीवन में खुद तक सीमित रह गया है। उनके पास खुद के लिए भी समय नहीं रहता। उन्होंने खुद को ही व्यस्त कर लिया है। हमें इन सबको पीछे छोड़कर भगवान का नाम जरूर लेना चाहिए। इससे व्यक्ति मजबूत होगा और वह अपने कार्यक्षेत्र में भी प्रदर्शन सुधारेगा। उन्होंने कहा कि हवन करने से व्यक्ति के साथ पर्यावरण भी शुद्ध होता है। हमें विभिन्न अवसर पर हवन में आहुति डालनी चाहिए। श्री कृष्ण कृपा जीओ गीता सेवा समिति ने गीता मनीषी का स्वागत किया। कंवर रविंद्र सैनी ने सबका आभार व्यक्त किया। इस मौके पर इससे पहले पंचायत मंत्री के भाई हरपाल ढांडा, सीए बलराम नंदवानी, अमित वर्मा, विजय जैन, समाजसेवी सुरेंद्र रेवड़ी, लोकेश नांगरू, महेश थरेजा, विक्रम चावला, जितेंद्र गुप्ता, पंकज सेठी, विभु पालीवाल, सूरज दूरेजा, भीम सचदेवा, मुकेश टुटेजा, रमेश वर्मा मौजूद रहे।