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Panipat: खुशी के भजन कुछ देर में चीख पुकार में बदले, मां ने बेटी को खोया, खुद भी जिंदगी की लड़ रही जंग

Sat, 04 Mar 2023 01:23 AM IST
भूपेंद्र सिंह संदीप सिंह, अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

सड़क पर 20 मीटर में मांस के लोथड़े बिखर गए। हादसे में मां ने बेटी को खोया तो खुद भी जिंदगी की जंग लड़ रही है। हादसे में दो पड़ोसनों की मौत हो गई। कई गंभीर रुप से घायल हो गए।
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मृतकों के फाइल फोटो। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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हरियाणा के पानीपत में चुलकाना में श्री श्याम धाम से मत्था टेककर गांव उझा लौट रहा श्रद्धालुओं का जत्था सड़क हादसे का शिकार हो गया। खुशी के भजन कुछ देर में चीख पुकार में बदल गए। हादसा इतना भयंकर था कि ट्रक की टक्कर से ट्राली 20 मीटर दूर जाकर गिरी और ग्रिल से टकरा गई। हादसा स्थल पर 20 मीटर तक सड़क पर मांस के लोथड़े और सामान बिखर गया। इस दौरान बेटियों को गोद में सुला रही मां बच्चियों समेत ट्राली के नीचे दब गई। एक बच्ची की मौत हो गई है, मां मौत से जंग लड़ रही है।

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इस दुर्घटना में ट्राली के नीचे दबने से एक महिला की गर्दन धड़ से अलग हो गई। एक युवक की दोनों टांगे कट गई। एक महिला की रीढ़ की हड्डी व गर्दन तक टूट गई। जिससे उसकी भी मौत हो गई। हादसे में 25 श्रद्धालु घायल हुए हैं। हादसे की सूचना मिलते ही उझा गांव में मातम पसर गया। ग्रामीण हादसा स्थल पर पहुंचे। इसके बाद कुछ लोग अस्पतालों में घायलों के पास रहे। पानीपत शहर के विधायक प्रमोद विज ने हादसे पर दुख जताया है।

पड़ोसी के साथ गई, दोनों की मौत
गांव उझा निवासी सुदेश (35) ने चार साल पहले चुलकाना धाम पर जाना शुरू किया था। उसके पति ईश्वर ने बताया कि उसकी पत्नी की श्याम बाबा में आस्था थी। वह वीरवार को भी धाम पर मत्था टेकने गई थी। उसके साथ पड़ोस से सावित्री भी उसके साथ गई थी। हादसे में दोनों की मौत हो गई। उसका 14 वर्षीय बेटा रमन भी हादसे में घायल हुआ है।
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मां की मौत, जुड़वा बहनें घायल
कमलेश अपनी दोनों बेटियों निशा व नेहा को साथ लेकर धाम पर गई थी। निशा व नेहा दोनों बहनें जुड़वा हैं और नौवीं कक्षा में पढ़ती हैं। पति विनोद फैक्टरी में काम करते हैं। हादसे में कमलेश की मौत हो गई। निशा व नेहा हादसे में घायल हो गई। फिलहाल दोनों की हालत ठीक है।

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Panipat Accident - फोटो : अमर उजाला
परिवार में सुख शांति के लिए गई थी सावित्री
सावित्री(42) पत्नी रोहताश परिवार में सुख शांति के लिए धाम पर गई थी। वो पिछले साल भी धाम पर गई थी। सावित्री का बड़ा बेटा आकाश जेल में है। रवि व बेटी नीरू की शादी हो चुकी है।

निर्दोष ने गंवाई दोनों पैर
गांव उझा का निर्दोष पिछले साल भी मत्था टेकने धाम पर गया था। इस बार भी वो जत्थे के साथ धाम पर गया था। ट्राली के नीचे दबने से उसकी दोनों पैर कट गए। एक हाथ टूट गया। उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। परिजन उसे चंडीगढ़ पीजीआई लेकर गए हैं।

मां ने बेटी खोई, खुद भी मौत से लड़ रही जंग
गांव उझा की पिंकी अपनी बड़ी बेटी चानू (14) और छोटी बेटी पायल को साथ लेकर धाम पर गई थी। पिता जगपाल ने तीनों को तैयार कराकर ट्राली में बैठाया था। जगपाल को शुक्रवार सुबह ड्यूटी पर जाना था। इसलिए वह रात 11 बजे सो गया। पिंकी ने चारु व पायल को गोद में बैठाया था। ट्राली के पलटते ही तीनों नीचे दब गए। पिंकी व चानू गंभीर रूप से घायल गई। पायल को भी सिर में चोटें आई। चानू ने हादसे के लगभग छह घंटे के बाद सवा 11 बजे दम तोड़ दिया। पिंकी की हालत गंभीर बनी हुई है। पिंकी व पायल को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया है।

हादसा देखकर रूह कांप उठ रही थी
उझा गांव के सुनील कुमार ने अमर उजाला को बताया कि हादसे का दृश्य रूह कंपा देने वाला था। मैं भी ग्रामीणों के साथ चुलकाना धाम पर मत्था टेकने गया था। ट्रैक्टर ट्राली का हुक खराब हो गया। चालक बिरजू ने ट्रैक्टर को एक तरफ खड़ा कर लिया। मैं भी ट्राली से नीचे उतरकर देखने लगा। हुक को पांच मिनट में ठीक कर दिया गया। वे दोनों ट्राली में बैठ रहे थे। इसी वक्त पीछे से आए एक ट्रक ने ट्राली को तेज गति में टक्कर मार दी। ट्राली दूर जाकर गिरी और पलट गई।

सभी लोग ट्राली के नीचे दब गए। उनकी चीख पुकार मच गई। वे ट्राली के नीचे दबे चिल्ला रहे थे। उन्होंने मदद के लिए वाहनों को रुकवाया और उनकी मदद से ट्राली को सीधा किया।कई महिलाओं के अंग कट गए थे। पूरी सड़क पर मांस के लोथड़े बिखरे पड़े थे। उन्होंने फोन कर गांव में हादसे के बारे में बताया। गांव से सैकड़ों लोग हादसा स्थल पर पहुंच गए। पुलिस भी मौके पर पहुंच गई थी।
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