एडमिशन के लिए आवदेन की अंतिम तिथि 21 सितंबर है। आवेदन के लिए सबसे आवश्यकता दस्तावेजों में आय व रिहायशी प्रमाण पत्र संलग्न करने होते हैं। सोमवार से वीरवार तक निगम कार्यालय में कर्मचारियों की हड़ताल चलने से हजारों प्रमाण पत्र कतार में लग चुके हैं। इसी बीच निगम ने अपना नया नियम भी जनता पर लागू कर दिया है। इसमें किसी भी प्रमाण पत्र को लेने के लिए पहले निगम की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा से बकाया टैक्स का नो ड्यूज लेना होगा। बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान भी करना होगा।
नगर निगम का यह नया कानून जरूरतमंद लोगों व छात्रों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है, क्योंकि चार दिन में से अब शुक्रवार व सोमवार को ही दो कार्यदिवस शेष रहते हैं, जबकि शनिवार व रविवार को निगम कार्यालय की छुट्टी रहती है। अगर किसी को अपना किसी भी प्रकार का प्रमाण पत्र बनवाना है तो उसके लिए बकाया टैक्स भरना होगा, जो तत्काल प्रभाव से भरा जाएगा। वहीं, अगर किसी का टैक्स गलत है तो इसे ठीक करवाने के लिए निगम कार्यालय के कई चक्कर, मौके की वेरिफिकेशन रिपोर्ट करवानी होगी। इसके बाद टैक्स ठीक होगा।
बड़े बकायादारों को छोड़ छोटों पर मार
निगम कार्यालय पहुंचे शहर के कुछ लोगों ने कहा कि निगम अधिकारी शहर के बड़े टैक्स बकाया दारों को छोड़कर छोटों पर अपनी धौंस जमा रहे हैं। जिनका टैक्स सौ, दौ सौ या हजार रुपये तक का है, उसे भरने के लिए भी कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उनके लिए आपत्तियां खड़ी की जा रही हैं।
नगर निगम के ईओ राकेश कादियान ने कहा कि इस नियम से बकाया टैक्स की वसूली होगी। चाहे कोई भी प्रमाण पत्र हो उसके लिए प्रॉपर्टी टैक्स भरने के बाद नो ड्यूज की पर्ची आवेदन के साथ लगानी होगी।