हरियाणा के जिले कैथल में प्रदेश सरकार की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स पर लिए गए निर्णय से कैथल जिले में करीब 50 हजार लोगों को फायदा होगा। इसमें अकेले कैथल शहर में लोगों के 4 करोड़ 50 लाख रुपये बचेंगे।
इस कारण लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है। पुराने फार्मूले पर अंबाला रोड पर जिस 200 वर्ग व्यवसायिक प्रॉपर्टी पर टैक्स 1 लाख 20 हजार रुपये बनता था, नए नियम के तहत इसके बदले महज 6 हजार रुपये की राशि अदा करनी पड़ेगी।
प्रॉपर्टी टैक्स पर सरकार के पुराने फैसले पर प्रदेश भर में विरोध प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद सरकार ने प्रॉपर्टी टैक्स की समीक्षा के लिए मंत्री रणदीप सुरजेवाला की अध्यक्षता में समिति का गठन किया था।
समिति ने पूरे मामले पर विचार-विमर्श के बाद अपनी सिफारिशें दी थीं। इसे शुक्रवार को हरियाणा मंत्रीमंडल ने स्वीकार कर लिया।
कैथल वासियों को होगी बचत
नए फैसले के अनुसार कैथल शहर में लोगों के लगभग 4 करोड़ 50 लाख रुपये बचेंगे। पुराने फैसले के तहत नगर परिषद ने प्रति वर्ष 60 हजार व्यवसायिक और घरेलू इकाईयों से लगभग 7 करोड़ रुपये के टैक्स से आय होने का अनुमान लगाया था। जो नए फैसले से घटकर 2 या ढाई करोड़ रुपये रह जाएगा।
उदहारण के लिए अंबाला रोड पर एक 200 गज के तीन मंजिला व्यवसायिक भवन के लिए एक लाख 20 हजार रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स अदायगी का नोटिस जारी किया गया था। जो नए फार्मूले के तहत घटकर महज 6000 रुपये रह गया है। इस भवन मालिक को अब 1.20 लाख की बजाए सिर्फ 6000 रुपये की राशि जमा करवानी होगी।
हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमेन आनंद खुरानिया ने कहा कि इस फैसले से व्यापारी वर्ग में खुशी की लहर दौड़ गई है। इसके लिए व्यापारी वर्ग हरियाणा के लोकनिर्माण एवं उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला का अभिनंदन करेगा।
नगर परिषद के कार्यकारी अभियंता ठाकुर लाल शर्मा के अनुसार नए फैसले से अनुमानित 7 करोड़ प्रॉपर्टी टैक्स की बजाए अब परिषद को 2 से ढाई करोड़ रुपया प्राप्त होने का अनुमान है।
अमर उजाला ने चलाया था अभियान
प्रदेश सरकार की ओर से क्लेक्टर रेट के हिसाब से प्रॉपर्टी टैक्स लगाया गया था। इसके तहत लोगों के घरों, दुकानों एवं खाली पड़े प्लाटों के लिए हजारों, किसी को तो लाखों रुपये के लिए नोटिस जारी किए गए थे।
लोगों की समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने इस संबंध में लगातार 8 दिनों तक अभियान चलाया था। इसमें हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से सरकार को भेजे गए ज्ञापन संबंधी समाचार भी प्रकाशित हुए थे। इसके बाद 26 जुलाई को चैंबर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधिमंडल गठित की गई समिति से मिलकर अपना पक्ष रखा था।