पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर की कंपनी ने गुरुग्राम के अलग-अलग सेक्टरों में लोगों को मकान देने का झांसा देकर 500 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने का आरोप है। पहले भी पूर्व विधायक के आवास पर ईडी की टीम छापेमारी कर चुकी है। बताया जा रहा है कि जुलाई 2023 में ईडी की टीम ने एक साथ कई ठिकानों पर जांच की थी। उस समय कुछ दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए थे। सूत्रों के अनुसार ईडी 44 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर चुकी है।
पूर्व मुख्यमंत्री से नजदीक माने जाने वाले धर्म सिंह छौक्कर समालखा सीट से दो बार विधायक रहे हैं। समालखा के विधायक मनमोहन भड़ाना ने उनकी गिरफ्तारी को कानून की जीत बताया है। भड़ाना ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के शासन मे कानून स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है। चाहे विधायक हो या पूर्व विधायक या फिर मंत्री कानून से ऊपर कोई नही है। गैर जमानती वारंट जारी होने के करीब एक साल बाद हुई पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि हमारे देश के कानून में यह प्रावधान है कि चाहे दोषी भले ही बच जाये लेकिन किसी निर्दोष को सजा नही होने चाहिए।
समालखा के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस ओबीसी प्रकोष्ठ के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष भरत सिंह छौक्कर ने पूर्व विधायक की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धर्म सिंह छौक्कर ने कांग्रेस पार्टी के साथ-साथ समालखा हल्के की जनता व समाज को कलंकित करने का काम किया है। उन्होंने गिरफ्तारी वारंट जारी होने के एक साल बाद हुई गिरफ्तारी पर कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। कांग्रेस नेता भरत सिंह छोक्कर ने बताया कि पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर ने जहां गुरुग्राम में हजारों गरीब आदमियों के साथ धोखाधड़ी की है उसी तरह हल्का वासियों के साथ भी छल करने का काम किया।
दो बार बने विधायक
पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर पहली बार 2009 के चुनाव में जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे थे और 2014 तक विधायक रहे। 2014 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। लेकिन, 2019 के चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस ने उन्हें प्रत्याशी बनाया था। वह चुनाव में जीत दर्ज कर दूसरी बार विधानसभा पहुंचे थे। लेकिन 2024 के चुनाव में भाजपा के मनमोहन भड़ाना ने उन्हें हरा दिया था। पूर्व विधायक धर्म सिंह छौक्कर की गिरफ्तारी से सियासत तेज हो गई है। उनकी गिरफ्तारी के बाद उनके समालखा आवास व कार्यालय पर सन्नाटा पसरा हुआ है।