कनाडा भेजने के नाम पर 55 लाख रुपये ठगने की झूठी शिकायत देकर मुकदमा दर्ज कराने वाले भाजपा के पूर्व पार्षद श्याम सुंदर को मॉडल टाउन थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को बुधवार को न्यायालय में पेश कर उसे जेल भेज दिया गया। आरोपी ने दंपती के लेटर पैड पर फर्जी हस्ताक्षर कर इकरारनामा तैयार किया और पुलिस को शिकायत देकर झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की जांच हुई तो आरोपी खुद दोषी मिला। पुलिस ने आरोपी पूर्व पार्षद और उसके बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी का झूठा मुकदमा दर्ज कराने पर केस दर्ज किया था।
मॉडल टाउन निवासी संजीव अरोड़ा ने बताया कि वह रिफाइनरी में काम करता है। उसकी पत्नी सीमा की एसएनएस कंपनी लिमिटेड के नाम से कंस्ट्रक्शन कंपनी है। वार्ड-1 के पूर्व पार्षद श्याम सुंदर ने उनके घर आना जाना शुरू किया और भाईचारा बढ़ाया। इसके बाद उन्होंने रिफाइनरी में काम दिलाने का दबाव बनाया, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसके बाद उसने पैसों का दबाव बनाना शुरू कर दिया। आरोपी श्याम सुंदर ने उसकी कंपनी के कर्मचारी के साथ मिलकर उसके और उसकी पत्नी की कंपनी के लेटर पैड चोरी किए। इसके बाद लेटर पैड पर 55 लाख रुपये कनाडा भेजने का फर्जी इकरारनामा बनाया और विदेश भेजने के नाम पर 55 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने की मॉडल टाउन में शिकायत दी।
आरोपी श्याम सुंदर ने अपने बेटे गौरव को गवाह बनाया था। मामले में जांच चल ही रही थी कि आरोपी ने उसकी पत्नी सीमा की कंस्ट्रक्शन कंपनी एसएनएस के लेटर पैड चोरी किया और उसी लेटर पैड पर एक पत्नी की तरफ से श्याम सुंदर को कंपनी में तीन लाख रुपये प्रतिमाह के हिसाब से वेतन का नियुक्ति पत्र तैयार किया। इसमें उसकी पत्नी के हस्ताक्षर किए गए। यह भी झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस की इकोनॉमिक सेल और आईएफएसएल टीम ने मामले की जांच की। मधुबन में हस्ताक्षर की जांच की गई तो सब फर्जी मिला। इसके बाद पुलिस ने आरोपी श्याम सुंदर और उसके बेटे गौरव के खिलाफ झूठी शिकायत देने के मामले में धोखाधड़ी से रुपये ऐंठने की रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस ने आरोपी को मंगलवार को गिरफ्तार किया और बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया।
पत्नी और बेटी से दिलवाई छेड़छाड़ की शिकायत, जांच में मिली फर्जी
पीड़ित संजीव ने बताया कि उसके पिता के नाम आरोपी श्याम सुंदर ने अपनी पत्नी और बेटी से झूठी शिकायत दिलवाई थी। आरोप था कि शिवाजी स्टेडियम के पास उसके पिता ने आरोपी की बेटी के साथ छेड़छाड़ की और उसके कपड़े फाड़े। इस मामले में महिला थाना में रिपोर्ट दर्ज की गई थी, जिसकी जांच में वह फर्जी मिली। इसके बाद आरोपियों पर झूठी शिकायत देने पर धारा 182 के तहत कार्रवाई की गई थी।
2017 से कर रहा परेशान, शहर वासियों पर भी करा चुका झूठे मुकदमे दर्ज
संजीव ने बताया कि आरोपी 2017 से उसे परेशान कर रहा है। यहां तक उसने शहर के अन्य लोगों पर भी झूठे मुकदमे दर्ज कराए हैं। आरोप है कि एक बार संजय पाहवा को फोन कर पुलिसकर्मी बनकर धमकाया था। वहीं दूसरी बार संजय पाहवा ने पीडब्ल्यूडी अधिकारी बनकर कार्यालय बुलाया था। इस मामले में भी आरोपी तीन से चार माह की जेल काट चुका है।
झूठी शिकायत देकर रिपोर्ट दर्ज कराने वाले श्याम सुंदर को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया था, बुधवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। - सतीश वत्स, डीएसपी, मुख्यालय