मतलौडा। पानीपत-जींद स्टेट हाईवे पर बसे मतलौडा गांव शहर का रूप लेता जा रहा है। सरकार ने भी ग्राम पंचायत से नगरपालिका दर्जा दे दिया है। पंचायत भी शहर की तरफ जा रही है। इतना कुछ होने के बाद परिवहन सुविधाओं के मामले में मतलौडा पिछड़ रहा है। मतलौडा में घोषणा के पांच साल बाद भी बस स्टैंड नहीं मिल पाया है, वहीं स्टेट हाईवे के मुख्य चौक पर यात्रियों के लिए हर मौसम में सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
अड्डे पर बस क्यू शेल्टर तक नहीं बन पाया है। पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार के पैतृक गांव में अनदेखी के चलते ग्रामीण परेशानियों से जूझ रहे हैं। छात्राओं की समस्या और भी गंभीर है। छात्राओं के लिए राजकीय कन्या महाविद्यालय में आने जाने के लिए बसों की व्यवस्था की गई है लेकिन राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मतलौडा और पीएमश्री स्कूल में पढ़ाई के लिए आसपास के गांव से आने वाली लड़कियों के लिए बसों की कोई व्यवस्था नहीं है। बस सुविधा न होने से उन्हें रोजाना आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीण कई वर्ष से बस स्टैंड की मांग कर रहे हैं। इसकी घोषणा भी की गई लेकिन आज तक मूर्त रूप नहीं मिल पाया है। लोगों को धूप और बारिश में घंटों सड़क पर खड़ा रहना पड़ता है। स्थानीय लोगों को परिवहन में मूलभूत सुविधा तक नहीं मिल पा रही है।
अनिल कुमार ने बताया कि गांव में बस क्यू शेल्टर तक नहीं है। बच्चों के साथ बस का इंतजार करना बड़ा मुश्किल होता है। खासकर बारिश के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। परिवहन विभाग या संबंधित विभाग का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है, ऐसे में आसपास के गांव के लोगों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
प्रदीप कुमार ने बताया कि मतलौडा और आसपास के गांव के लड़के व लड़कियां हर रोज स्कूल व कॉलेज जाते हैं। गांव के अड्डे पर किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। कई बार बस छूट जाती है तो खड़े रहने की सही जगह तक नहीं मिल पाती। अड्डे पर दुकानों के आगे खड़े होकर बस का इंतजार करना पड़ता है
राममेहर ने बताया कि स्कूल व कॉलेज छात्राओं व महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी होती है। गांव के अड्डे पर किसी प्रकार की सुविधा नहीं है। पानीपत-जींद रोड होने के चलते अड्डे पर हर समय जाम की स्थिति बनी रहती है। छात्राओं को निजी बसों या वाहनों में यात्रा करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
दुकानदार राजेश सिंगला ने बताया कि गांव के अड्डे पर वर्षों से कोई व्यवस्था नहीं है। महिलाओं या छात्राओं को बारिश या गर्मी के मौसम में दुकानों के आगे खड़े होना पड़ता है। नगरपालिका बनाने के साथ बस स्टैंड समेत अन्य सुविधाओं पर भी काम करना जरूरी है। लोगों को सुविधा बढ़ने पर बाजार में सामान की मांग भी बढ़ेगी।
मतलौडा में बस स्टैंड प्रस्तावित है। इसके लिए जगह देखी गई है। इसका प्रस्ताव निदेशालय भेजा गया है। इसकी मंजूरी के बाद पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखा जाएगा। - विक्रम कांबोज, जीएम, रोडवेज।
राजेश सिंगला, दुकानदार।
राजेश सिंगला, दुकानदार।
राजेश सिंगला, दुकानदार।
राजेश सिंगला, दुकानदार।
राजेश सिंगला, दुकानदार।