पानीपत। मां का दिल संवेदनशील होता है। समय आने पर एक मां दूसरी मां (धरती मां) की सेवा के लिए अपने दिल पर पत्थर रखकर बेटे को सेवा के लिए भेज देती है। भारत-पाक के बीच चल रहे तनाव की स्थिति में एक नहीं अनेक माताओं ने अपने बेटों को ड्यूटी के लिए भेजा है। कई तो ऐसे हैं जो पिछले दिनों ही छुट्टी आए थे और परिवार के साथ रहने का कार्यक्रम बनाया था।
एक फोन पर सब वापस चल दिए हैं। मां ने अपने लाल को हंसते हुए विदा किया। यह उन्हीं का कलेजा है जो अपनों को हंसते हुए दूर किया। रविवार को मातृ दिवस है। हम ऐसी माताओं से मिलते हैं, जिन्हाेंने अपने बेटों को सेना में भेजा है।