अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। शहर की महादेव कॉलोनी में शनिवार सुबह विवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला। विवाहिता नवरात्र के व्रत रखे हुए थी। सुबह जब इसकी सूचना मायके पक्ष के लोगों को हुई तो शुरू में वे इसे अप्रैल फूल का संदेश समझते रहे। जब बार-बार उनके पास फोन आए तो वे गंभीर हुए। इसके बाद वे मौके पर पहुंचे और जमकर हंगामा किया। मारपीट में कई लोग घायल भी हो गए। विवाहिता की दो साल पहले ही शादी हुई थी। बताया जा रहा है कि वारदात से एक दिन पहले शाम को पति शराब पीकर भी आया था। मौके पर पहुंची थाना शहर पुलिस व एफएसएल की टीम ने शव को फंदे से उतरवाया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनाें को सौंप दिया है। मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने विवाहिता के पति, सास, जेठ और जेठानियों पर दहेज हत्या का केस दर्ज कर लिया है।
थाना शहर के अंतर्गत महादेव कॉलोनी निवासी राखी (21) का शव शनिवार सुबह मकान के कमरे में फंदे पर लटका मिला। ससुराल पक्ष के लोगों ने इसकी सूचना मायका पक्ष को दी। बताया जा रहा है कि कई घंटे बाद मायका पक्ष के लोग पहुंचे। वहां मायका और ससुराल पक्ष के लोगों के बीच मारपीट हो गई। इसमें मायका पक्ष का एक व्यक्ति घायल हो गया। इसके बाद किला चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को शवगृह में रखवाया।
कैमला घरौंडा, करनाल निवासी सुरजीत ने बताया कि उसने अपनी सबसे बड़ी बेटी राखी (21) की शादी 15 मार्च 2015 को महादेव कॉलोनी निवासी राजकुमार के साथ की थी। सुरजीत ने आरोप लगाया कि शादी के करीब छह माह बाद ही राखी के पति राजकुमार, सास सुशीला, जेठ संजय और बिल्लू, जेठानी सीमा और अजीत ने दहेज के लिए उनकी बेटी को ताने मारने शुरू कर दिए। ससुराल वाले कभी दस हजार रुपये तो कभी बीस हजार रुपये की डिमांड करते थे। राजकुमार की कॉलोनी में ही टेलर की दुकान है। वह भी राखी पर मायके से रुपये लाने का दबाव डालता और उनकी बेटी से मारपीट करता। राखी ने इस बारे में घर आकर बताया। इसके बाद कई बार पंचायत हुई। पंचायत में ससुराल पक्ष के लोग माफी मांग लेते और कुछ दिन बाद फिर वही सिलसिला शुरू हो जाता। शादी के बाद राखी को एक बेटा शौर्य हुआ। शौर्य महज दस माह का ही है। उन्होंने सोचा था कि बेटे के जन्म होने के बाद ससुराल वाले सुधर जाएंगे। ऐसा नहीं हुआ। मायके पक्ष के लोगों का आरोप है कि राखी ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि दहेज की मांग पूरी न होने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उसकी हत्या कर शव फंदे से लटकाया है। पुलिस को विवाहिता का शव गार्डर के कुंडे पर चुन्नी के फंदे से लटका मिला। जहां परिजनों के बयान दर्ज कर पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया।
ससुराल वालों ने नहीं दी सूचना
कैमला निवासी सुरजीत का कहना है कि यदि उनकी बेटी राखी ने खुद फंदा लगाया था तो इसकी सूचना उसके पति राजकुमार या ससुराल पक्ष के किसी व्यक्ति को उन्हें देनी चाहिए थी। लेकिन, ऐसा नहीं किया गया। परिवार में भाई लगने वाले शेर सिंह की बेटी भी महादेव कॉलोनी में रहती है। शेर सिंह अपनी बेटी का पता लेने गया था। इस घटना की सूचना शेर सिंह ने ही उन्हें दी।
चार दिन पहले मांगे थे दस हजार
मायके पक्ष के लोगों का आरोप है कि ससुराल पक्ष के लोगों ने करीब चार दिन पहले भी दस हजार रुपये की डिमांड की थी। वह राखी पर मायके से दस हजार रुपये लेकर आने का दबाव बना रहे थे। इसका राखी ने विरोध किया था।
ससुराल पक्ष के लोगों की मानें तो सुबह करीब साढ़े छह बजे राखी कमरे में सो रही थी। उसने फांसी कब और क्यों लगाई। इस बारे में उन्हें नहीं पता। उन पर लगे आरोप गलत हैं। एक जानकार ने बताया कि राखी ने चैत्र मास के नवरात्र व्रत रखे हुए थे और उसका पति राजकुमार शराब पीकर आ गया। इसको लेकर दोनों में रात को भी कहासुनी हुई थी। बताया जा रहा है राजकुमार रात को ही बाहर जाने लगा। राखी ने उसे रोकना चाहा तो उसने कहा कि रोकने की जरूरत नहीं है।
महादेव कॉलोनी में विवाहिता का शव फंदे पर लटका मिला है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। विवाहिता के मायके पक्ष के लोगों ने पति राजकुमार, सास सुशीला, जेठानी सीमा और अजीत पर दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सुरेश कुमार, प्रभारी, थाना शहर, पानीपत।