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ईवीएम पर सवाल उठाने वाले कांग्रेस सांसद और विधायक पहले खुद इस्तीफा दें : बेदी

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पानीपत। कांग्रेस ईवीएम पर सवाल उठाती है। जबकि उनके प्रदेश में ही कई सांसद और विधायक इसी ईवीएम पर बने हैं। वे इसको गलत मानते हैं तो सबसे पहले उनको इस्तीफा देना चाहिए। इसके बाद ही आगामी चर्चा हो सकती है। प्रदेश सरकार ने निकाय चुनाव ईवीएम से कराने की तैयारी की है। सरकार के स्तर पर पूरी तैयारी है। चुनाव आयोग को इसको लेकर फैसला लेना है। इसी तरह उन्होंने टीडीआई के एक पुराने मामले में टीडीआई सिटी के मालिक व अधिकारियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। हालांकि अधिकारियों के गुहार पर मंत्री ने 15 जनवरी तक कार्रवाई में राहत दी।
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ये बात सामाजिक न्याय, सशक्तीकरण, अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय सेवा मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने सोमवार को पानीपत में कही। वे जिला सचिवालय में जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक के बाद मीडिया से रूबरू हो रहे थे। यहां उनके सामने 15 मामलों को रखा गया। उन्होंने आठ का मौके पर समाधान किया और बाकी सात की अधिकारियों को जांच कर समाधान के आदेश दिए। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि हरियाणा में हर व्यक्ति की अलग कांग्रेस है। यहां हुड्डा, रणदीप और शैलजा सब अपनी कांग्रेस बनाकर चल रहे हैं। ऐसे में ईवीएम पर कौन सी कांग्रेस ने सवाल उठाया है। दीपेंद्र हुड्डा, कुमारी शैलजा समेत कई लोग इसी ईवीएम के माध्यम सांसद व विधायक बने हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा संगठनात्मक पार्टी है। यहां हर काम संगठन के अनुसार किए जाते हैं। संगठन में एक से पांच जनवरी तक बूथ कमेटी का गठन किया जाएगा। इसके बाद छह से 12 जनवरी को मंडलों का गठन किया जाएगा। केंद्रीय नेतृत्व की देखरेख में संगठन के काम किए जा रहे हैं।
उन्होंने टीडीआई सिटी के एक पुराने मामले की सुनवाई करते हुए पुलिस को टीडीआई मालिक व इस मुकदमे में शामिल अधिकारियों को गिरफ्तार करने के आदेश दिए। मंत्री ने कहा कि टीडीआई मालिक और अधिकारियों काे नया साल जेल में मनाना चाहिए। अधिकारियों ने इस बावत अपनी रिपोर्ट रखी और 15 जनवरी तक का समय मांगा। मंत्री ने 15 जनवरी तक कार्रवाई में राहत दी। वहां राजा खेड़ी गांव के बजिंद्र सिंह के बच्चा बदलने के मामले में सुनवाई करते हुए अधिकारियों की लापरवाही पर परिजनों का शपथ पत्र मांगा। मंत्री ने पीड़ित पक्ष के व्यवहार पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उनको किसी पर विश्वास नहीं है। वे जहां चाहे वहीं जांच करा सकते हैं। वे उसी एजेंसी से उनकी जांच कराएंगे।
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