पानीपत। स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को 180 एलाइजा टेस्ट के सैंपल की रिपोर्ट जारी की। इनमें डेंगू के पांच नए केस आए हैं। जिले में अब डेंगू के रोगियों की संख्या 292 हो चुकी है। सोमवार को किशनपुरा में 26 साल के युवक, सेक्टर 13 में नौ साल की बच्ची, नांगलखेड़ी गांव में 64 साल के बुजुर्ग, गांव बांध में 18 साल के युवक व अंसल में 62 साल की वृद्धा की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। इनका निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल के डेंगू वार्ड में सात रोगियों का इलाज चल रहा है।
सोमवार को जिला नागरिक अस्पताल में वायरल रोगियों की भीड़ जुट गई। सोमवार को अस्पताल में कुल ओपीडी 1512 रही। इनमें वायरल फीवर की ओपीडी 350 रही। चार डॉक्टरों ने मरीजों को जांचा। डॉक्टरों के अनुसार तापमान में कमी आने तक डेंगू का खतरा बरकार रहेगा। यह खतरा दिसंबर के दूसरे सप्ताह में बरकार रह सकता है। हालांकि डेंगू के रोगी मिलने की औसत में कमी आई है। 10 नवंबर तक डेंगू के रोगियों के मिलने की औसत आठ-नौ मरीज थी। अब यह घटकर पांच रह गई है। जिले के लगभग 90 निजी अस्पताल व 28 स्वास्थ्य केंद्रों में प्रतिदिन आठ हजार से अधिक ओपीडी हो रही है।
हर रोज डेंगू के 1200-1500 के बीच में टेस्ट भी हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल समेत सभी स्वास्थ्य केंद्रों में खांसी जुकाम व बुखार के रोगियों की ओपीडी सबसे अधिक है। इस साल बच्चों को डेंगू ने बहुत अधिक प्रभावित किया है। इस साल डेंगू के लगभग 60 केस ऐसे आए हैं जिसमें रोगियों की आयु 12 साल से कम थी। इसके पीछे स्वास्थ्य विभाग जागरूकता की कमी को मान रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने इस साल मार्च में ही एंटी लार्वा एक्टिविटी शुरू कर दी थी लेकिन फिर भी लार्वा को डेंगू का मच्छर बनने से नहीं रोक पाया। इस साल लगभग 11 हजार स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला है।
वर्जन-
उप सिविल सर्जन डॉ. सुनील संडूजा ने बताया कि जिला नागरिक अस्पताल, समालखा सामान्य अस्पताल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू जांच की सुविधा है। सभी केंद्रों में डेंगू वार्ड बनाए गए हैं। जहां डेंगू के रोगी मिल रहे हैं वहां पर लोगों की ब्लड स्लाइड तैयार की जा रही है। नगर निगम व जिला पंचायती राज विभाग वहां फॉगिंग कर रहा है।