पानीपत। जिले में डेंगू का खतरा बढ़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को भी जिले में डेंगू के पांच नए केस मिले हैं। इनमें गांव कारद में 20 साल की महिला, बाबरपुर में 30 साल की महिला, गांव जाटल में 55 साल की महिला, अंसल में 41 साल की महिला व मुखीजा कॉलोनी में 36 साल के पुरुष की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है।
इस साल जिले में अब तक डेंगू के केस की संख्या 315 पहुंच चुकी है। इनमें 35 केस दूसरे जिलों के हैं। नवंबर में डेंगू के अब तक 35 केस मिल चुके हैं। जहां डेंगू के केस मिल रहे हैं वहां स्वास्थ्य विभाग खुद फॉगिंग करवा रहा है। जबकि शहरी क्षेत्र में फॉगिंग की जिम्मेदारी नगरनिगम व ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायती राज विभाग की है। तीनों विभागों में तालमेल की कमी से डेंगू का खतरा बढ़ रहा है।
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने कहा कि दिन प्रतिदिन मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। बदलते मौसम में हमें अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना चाहिए। अकसर इस मौसम में मच्छर जनित डेंगू, चिकनगुनिया और मलेरिया जैसी घातक बीमारियां होती हैं इसलिए कहीं भी अपने आसपास जलभराव ना होने दें क्योंकि विभिन्न जगहों पर जलभराव की वजह से मच्छर पैदा होते हैं। उन्होंने कहा कि मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के प्रति लोगों का जागरूक होना जरूरी है।
मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया से बचाव के लिए पानी के बर्तन, टंकी, घड़ों आदि को ढक कर रखें और सप्ताह में एक बार फूलदान, फ्रिज की ट्रे, पशु व पक्षियों के बर्तन व ड्रमों को खाली करके सुखाएं और फिर उसमें पानी डाले। शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहने। ठहरे पानी में लारवा नाशक दवा डाले।