माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में शुक्रवार को मानवता और व्यवस्था तार-तार हो गई। बतरा
कॉलोनी निवासी नूरल अंसारी अपनी बहन कमरू को लेकर चार घंटे तक इलाज के लिए भटकते रहे। चिकित्सकों ने उनकी जांच तक नहीं की, जिससे महिला तीन बार बेहोश होकर गिर गई। कमरू ने जेठ-जेठानी पर पिटाई का आरोप लगाया है।
नूरल अंसारी को अपनी बहन को बिना इलाज के वापस लाना पड़ा। उन्होंने 140 रुपये में ई-रिक्शा कर अपनी बहन को अस्पताल पहुंचाया था। बाद में बतरा कॉलोनी के एक निजी क्लीनिक पर इलाज कराया, जहां 1210 रुपये खर्च हुए। कमरू को अब अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह दी गई है। नूरल अंसारी ने बताया कि उनकी बहन के साथ जेठ और जेठानी ने मारपीट की थी।
पुलिस ने उन्हें मेडिकल कराने के लिए जिला नागरिक अस्पताल भेजा था। वह उसे ई-रिक्शा से उसे लेकर अस्पताल पहुंचे लेकिन वहां उन्हें स्ट्रेचर नहीं मिला। मजबूरी में उन्हें बहन को कंधे पर उठाकर इमरजेंसी में ले जाना पड़ा।
सीएमओ ने मामले की जांच का आश्वासन दिया : नूरल अंसारी ने आरोप लगाया कि अस्पताल में चार बजे तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विजय
मलिक ने कहा कि उनकी जानकारी में यह मामला नहीं आया है। उन्होंने इसे गंभीर विषय बताया और जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। नूरल अंसारी इस मामले की शिकायत सीएमओ को लिखित में करेंगे।
जिला नागरिक अस्पताल में स्ट्रेचर नहीं मिलने पर मरीज को गोद में उठाकर ले जाते परिजन। संवाद- फोटो : Archive