जिले में कोरोना से मौत का पहला केस सामने आया है। दिल्ली से चार दिन पहले यहां की दीनानाथ कॉलोनी में लौटे युवक की मौत कोरोना वायरस से होने की पुष्टि हुई है। मंगलवार की सुबह चार बजे मौत होने के बाद उसी दिन शाम को चार बजे नगर निगम ने जन सेवादल के साथ ही एहतियात बरतते हुए उसका अंतिम संस्कार करा दिया गया था। बुधवार को युवक की रिपोर्ट आई, जिसमें वह कोरोना पॉजिटिव निकला।
कोरोना पॉजिटिव इस युवक ने कालोनी में ही एक महिला को काट लिया था। जिसके सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए थे। उसकी पहली रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी, लेकिन खानपुर लैब से कराई गई दूसरी जांच में वह नेगेटिव आई है। इसी के साथ बुधवार को कालखा गांव निवासी दो, कोरोना पॉजिटिव पिता-पुत्र को खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने कोरोना पॉजिटिव वाले इस पूरे गांव को सील कर वहां के लोगों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी है। उनके परिजनों को घर में क्वारंटीन कर दिया गया है। परिवार के पांच लोगों के सैंपल भी लिए गए हैं। इनकी रिपोर्ट वीरवार रात को आने की उम्मीद है।
युवक की कोरोना से मौत होने के बाद इस कॉलोनी को सील कर दिया गया है। वहां पर भी लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग को मृतक युवक की दादी की रिपोर्ट का इंतजार है। बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मुखीजा कॉलोनी में भी संदिग्ध लोगों की जांच की । इन दोनों को सिविल अस्पताल लाया गया। इनके सैंपल जांच के लिए भेज दिए हैं।
दिल्ली से लौटने के बाद से युवक कर रहा था अजीब हरकतें
दीनानाथ कॉलोनी का 24 साल का युवक दिल्ली में मजदूरी करता था। कालोनी के लोगों के मुताबिक उसकी हरकतें कुछ अजीब सी थीं। वो अपनी दादी को बार-बार कह रहा था कि उसे पानी से डर लग रहा है। उससे पपीता खाने के लिए पूछा, लेकिन दादी जैसे ही पपीता काटने लगी तो घर से बाहर भाग गया और गली में खड़ी एक महिला के हाथ पर काट लिया। इसके कुछ देर बाद युवक की अचानक मौत हो गई। मौत से पहले युवक के मुंह से लार निकल रही थी। डॉक्टरों ने युवक की मौत का कारण रेबीज होने की संभावना जताई थी। सिविल सर्जन के निर्देशों पर डॉक्टरों ने उसका स्वाब सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा था। जिसमें वो पॉजिटिव पाया गया है। कोरोना से मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। युवक की मां की सात साल पहले मौत हो चुकी है। उसकी दो बहनों की शादी हो चुकी है। उसका पिता दिल्ली में मजदूरी करता है।
पिता नहीं हो पाए अंतिम संस्कार में शामिल
मौत की खबर उसके पिता को दे दी गई, लेकिन लॉकडाउन के कारण वो बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हो सका। जनसेवा दल, नगर निगम कर्मचारी और डॉक्टरों के अलावा युवक के अंतिम संस्कार में कोई शामिल नहीं हो हुआ। युवक का शव भी काफी देर तक कॉलोनी में ही घर के बाहर पड़ रहा था, लोग छत से उसे देखते रहे, लेकिन कोई उसके पास नहीं आया। इस वक्त शव के पास उसकी दादी ही बैठी रही। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंची थी।
गांव कालखा में छह साल का बेटा और उसका पिता संक्रमित
गांव कालखा में छह वर्षीय पुत्र के साथ पिता कारोना पॉजिटिव पाने से गांव में हंडक़ंप मच गया। गांव में स्वस्थ्य विभाग की टीम पहुंची। नौल्था सीएचसी के मेडिकल ऑफिसर डॉ. रिंकू सागंवान ने बताया कि क्षेत्र के गांव कालखा में पिता व पुत्र को कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं। जिन्हें इलाज के लिए पीजीआई खानपुर भेज दिया गया है। कालखा गांव का एक व्यक्ति फतेहबाद में नौकरी करता था। 30 अप्रैल को उसको खांसी जुखाम हुआ था। जिसे वह पानीपत के अस्पताल में जांच करवाने गया था। डॉक्टर की सलाह से उसने कोरोना टेस्ट के लिए सैंपल दिये थे। परिजनों को घर में ही क्वारंटीन कर दिया गया है।