इंसार बाजार के पास कलंदर पीर के साथ लगती कपड़ों की दुकान में वीरवार सुबह शार्ट सर्किट होने से आग लग गई। सूचना पर पहुंची दमकल की गाड़ी ने करीब 5 घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि इस दुर्घटना में सिर्फ लाखों रुपये का माल जला, लेकिन किसी की जान की हानि नहीं हुई। बाजार में अतिक्रमण हद से ज्यादा होने से दमकल विभाग की टीम को मौके पर पहुंचने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। इस वजह से पाइपों को जोड़ घटनास्थल तक पानी पहुंचाने का प्रयास किया गया। मौके पर दमकल की सिर्फ एक गाड़ी पहुंची, उसमें भी पर्याप्त पानी न होने से स्थानीय लोगों ने अपने घरों से बाल्टी व कैंपर लेकर दमकल विभाग के गाड़ी में पानी भरा। वहीं किले पर खड़ी गाड़ियों को दमकल व स्थानीय लोगों ने हाथ से धकेल कर साइड किया।
माना जा रहा है कि अगर अतिक्रमण न होता तो दुकान में इतना नुकसान न होता। दमकल को पहुंचने में ज्यादा समय लगा, जिसकी मुख्य वजह से बाजार में अतिक्रमण माना गया। आग से इमारत का लैंटर टूट चुका है और वहीं सभी दीवारों में दरारें आ चुकी है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दुकान के सामने हाईटेंशन तारें थी, इससे कोई भी आग बुझाने के लिए दुकान की खिड़की तक नहीं पहुंच पाया। आग में कपड़े जलने की वजह से पूरी दुुकान व गोदाम गैस का चैंबर बन चुका था। उसकी दीवार या लैंटर तोड़कर इस धुंए को बाहर निकाला जा सकता था, लेकिन इस काम को करने के लिए भी किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई। बाद में दुकानदार के सहयोगियों ने ही पीछे से दीवार तोड़कर धुएं को बाहर निकाला।
बता दें कि ऐसा नहीं है कि औद्योगिक नगरी के कई दुकानदारों के पास फॉयर एनओसी, प्रबंध व ट्रेड लाइसेंस नहीं हैं। फॉयर एनओसी, इसके उपकरण व ट्रेड लाइसेंस किसी भी दुकान या व्यापार में इस प्रकार की घटना से हुई हानि में सुरक्षा कवच समान काम करते हैं, लेकिन इस बारे में न तो नगर निम को सख्त कदम उठा पाया है, न ही शहर के दुकानदार व व्यवसायी इस बात की जरूरत समझते हैं। शहर के मेन बाजार में कलंदर पीर के पास कपड़े की दुकान अधलखा फैंसी स्टोर में वीरवार सुबह करीब दस बजे शार्ट सर्किट की वजह से आग लग गई। सूचना मिलते ही आस-पास के लोग व दुकानदार इकट्ठा हो गए व आग पर काबू पाने का प्रयास किया या। वहीं दमकल विभाग को भी इसकी सूचना दे दी गई। बाजार में अतिक्रमण व किले के आसपास अवैध रूप से अन्य वाहन खड़े होने की वजह से दमकल टीम समय और मौके पर नहीं पहुंच पाई। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद दमकल की छोटी गाड़ी मौके पर पहुंची। यहां पानी खत्म होने की वजह से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। इसके बाद बड़ी गाड़ी से पानी की पाइप को जोड़ा गया। पानी खत्म होने पर स्थानीय लोग ने अपने घरों से पानी लाए। वहीं इमारत में भी कई जगह दरारें आ गई है।
छोटी गाड़ी में पानी खत्म हुआ तो बाल्टियां लेकर पहुंचे लोग
कलंदर चौक के पास अतिक्रमण की वजह से दमकल की गाड़ियां नहीं पहुंच पाई तो छोटी गाड़ी बुलाई गई, इसमें कम पानी होने की वजह से आग पर काबू नहीं पाया जा सका। जिसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने घरों से बाल्टियों व कैंपरों से दमकल विभाग की गाड़ी में पानी भरा, इसके बाद किले पर खड़ी बड़ी गाड़ी से पाइपों को आपस में जोड़कर आग बुझाने के प्रयास किए गए।
वर्जन-
अतिक्रमण की वजह से देरी हुई, करवाएं ड्रिल-जैसे ही आगजनी की सूचना मिली तुरंत मौके पर गाड़ियों का रवाना कर दिया गया था। मौके पर पांच गाड़ियां भेजी गई थी, जिनमें से एक छोटी थी। बाजार में ज्यादा भीड़-भाड़, वाहन पार्किंग व अतिक्रमण होने की वजह से थोड़ी देर अवश्य हुई, लेकिन इसमें टीम ने अपना पूरा योगदान व सहयोग दिया है। वहीं इसके लिए विभाग ड्रिल भी किया करेगा, ताकि मौके पर लोगों में हड़बड़ी न बने और वे किसी भी घटना से निपटने के लिए मानसिक रूप से सक्षम रहें।
रामदत्त भारद्वाज, फॉयर सेफ्टी आफिसर, पानीपत।