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बैठक में हंगामे के डर से मेयर और विधायक ने जानी विकास कार्यों की हकीकत

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Fearing uproar in the meeting, the Mayor and the MLA knew the reality of development works - फोटो : Panipat
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नगर निगम सदन की बैठक से पहले मेयर, विधायक और निगम आयुक्त शहर में विकास कार्यों की हकीकत जानने के लिए सोमवार को उतर गए। हर बार की तरह इस बार भी पांच अगस्त को आयोजित सदन की बैठक में हंगामा होने का आसार है, ऐसे में जनप्रतिनिधि और निगम अधिकारी अपनी ग्राउंड रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। जिससे सदन की बैठक में पार्षदों के सवालों का जवाब दिया जा सके।
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ग्रामीण विधायक ने निगम अधिकारियों के साथ बैठक कर ग्रामीण विधानसभा के विकास कार्यों की ग्रांउड रिर्पार्ट ली, वहीं, मेयर ने डिप्टी मेयर समेत वार्ड-1 और 2 के सार्वजनिक शौचालयों का दौरा किया। निगम आयुक्त भी गंदे पानी की निकासी की व्यवस्था जांचने के लिए शहर की कालोनियों का दौरा करते नजर आए। उधर, पार्षदों ने सदन की बैठक के लिए अपने सबसे एजेंडे निगम को सौंप दिए हैं। पार्षदों का ये भी कहना है कि अबकी बार वे जनहित में हो रहे हर विकास कार्य, हर योजना का जवाब निगम से मांगेंगे।
ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत आने वाले वार्डों के लिए ग्रामीण विधायक महीपाल ढांडा ने 33 करोड़ रुपये पास करवाए थे। जिनसे निगम को 101 विकास कार्यों की योजना बनानी थी। इसे लेकर विधायक महिपाल ढांडा ने सोमवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में अधिकारियों के साथ बैठक की और विकास कार्यों की समीक्षा की। जिसमें अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने 101 में से करीब 25 करोड़ की लागत से 77 कामों के वर्क आर्डर जारी कर दिए हैं। वहीं, करीब 8 करोड़ के 24 कामों के टेंडर प्रक्रिया में हैं। इन विकास कार्यों में ग्रामीण विस में सड़कें, नाले, नालियां और पार्क बनाए जाएंगे। इसके अलावा ग्रामीण विधानसभा के अंदर कई स्वागत द्वार भी बनाए जाएंगे। इसके लिए निगम अधिकारियों ने विधायक को प्रोजेक्ट की ड्रांइग तक दिखाई। वहीं, प्रॉपर्टी टैक्स की कार्यप्रणाली से खफा दिखे विधायक ने टैक्स ब्रांच के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को फटकार भी लगाई।
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दूसरी तरफ मेयर अवनीत कौर, डिप्टी मेयर रविंद्र और वार्ड-1 के पार्षद पति सुरेंद्र परूथी ने वार्ड नं-1 और 2 में 4 जगहों पर सावर्जनिक शौचालयों का दौरा किया। इनकी बदहाल व्यवस्था को देखकर निगम की सफाई शाखा के अधिकारियों को फटकार लगाकर रिपोर्ट तलब की। मेयर अवनीत कौर और डिप्टी मेयर रविंद्र ने बताया कि शौचालयों की देखरेख पर हर महीने 2 लाख रुपये का खर्च होता है, इसके बाद भी शौचालयों के हालात बेहद गंदे मिले। यहां तक कि इनमें पानी की व्यवस्था तक नहीं थी। वहीं, इन पर सफाई के लिए लगाए गए कर्मचारी भी मौजूद नहीं मिले। टॉयलेट सीट तक टूूूटी मिली। इसके अलावा निगम अधिकारियों से मोबाइल टॉयलेट की रिपोर्ट भी मांगी गई है। उन्होंने बताया कि इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने वार्ड-1 के अज्जिजुल्लापुर, बिचपड़ी, सेक्टर 13-17, वार्ड 2 के नूरवाला समेत लोधी पार्क के पास व बस स्टैंड वाले शौचालयों का निरीक्षण किया।
इस समय शहर की सबसे बड़ी समस्या गंदे पानी की निकासी की है। बरसत रोड पर चोक हुई नाले की पुलिया की सफाई करवाने के लिए खुुद आयुक्त को भी धरातल पर उतरना पड़ा। इस दौरान निगम की सफाई शाखा की पूरी टीम भी मौजूद रही, जिसमें मुख्य सफाई निरीक्षक, सफाई निरीक्षक भी मौजूद रहे। इस दौरान पुलिया में फंसी गंदगी नहीं निकली तो निगम को सीवर सफाई करवाने वाले मशीन तक मंगवानी पड़ी। मौके पर मौजूद आयुक्त के निर्देशानुसार सफाई करवाई गई। वहीं, सफाई शाखा के अधिकारियों ने बताया कि बरसत रोड पर मशीन से सफाई करवाने का सिलसिला सोमवार रात तक जारी रहा। बरसत रोड के अलावा शहर में कई अन्य जगह भी मशीन से सफाई करवाई जा चुकी है कई जगह करवानी बाकी है।
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