समालखा। भापरा गांव के किसान प्रवेश को बैंक खाते में 500 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन का भय दिखाकर करीब नौ घंटे तक डिजिटल अरेस्ट रखा। आरोपी ने खुद को ईडी का अधिकारी बताया। घटना दो दिन पहले की है। किसान ने बताया कि आरोपी ईडी अधिकारी बनकर दिल्ली के दरियागंज थाना से वीडियो काल कर रहे थे। हालांकि किसान के साथ किसी प्रकार की ठगी नहीं कर पाए। फिलहाल मामला साइबर हेल्प डेस्क को भेजा गया है।
समालखा के वार्ड-2 के अंतर्गत भापरा गांव के प्रवेश ने समालखा थाना की पुलिस को शिकायत में बताया कि मंगलवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अपने घर के कमरे में बैठा था। उसी समय उनके मोबाइल पर एक वीडियो काल आई। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को ईडी का अधिकारी बताया। उन्होंने दरियागंज थाने का हवाला दिया और थाने का दो मिनट तक दृश्य भी दिखाया। आरोपियों ने उनके बैक खाते से करीब 500 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन होने का जिक्र किया और उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड से लेकर बैक खातों की पूरी जानकारी ली। यहां तक की उनका वजन तक भी पूछा। प्रवेश ने बताया कि ईडी अधिकारियों ने उसे डराया धमकाया कि वह इसके बारे किसी को न बताए। उसके घर के पांच किलोमीटर के दायरे में पुलिस तैनात कर रखी है। वह भागने की कोशिश न करें। कथित ईडी अधिकारियों ने उनको कमरे में डिजिटल अरेस्ट कर रखा। वह काफी देर तक कमरे से बाहर नहीं निकला तो परिजन पहुंच गए। उन्होंने घटना के बारे में परिजनों को बताया। परिजनों ने इसकी सूचना समालखा चौकी पुलिस को दी। पुलिस ने आकर वीडियो काल कटवाई। पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की तो वह इस मामले को लेकर समालखा के डीएसपी नरेंद्र कादियान के पहुंचा।
वर्जन:
भापरा गांव के एक किसान ने डिजिटल अरेस्ट करने की शिकायत दी है। कोई भी जांच एजेंसी डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। इसलिए लोगों को इससे डरने की जरूरत नहीं है। यह साइबर अपराधी है।अगर किसी के पास कोई वीडियो काल आती है। तो तुरंत काल कट करके साइबर सेल को 1930 नंबर पर पुलिस को सूचित करें।
नरेंद्र कादियान, डीएसपी।