पानीपत। पानीपत टोल टैक्स पर करनाल से पानीपत की तरफ आते हुए लगा हुआ लंबा जाम।
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पानीपत। फास्टैग स्कैनर ठीक से काम नहीं करने से पानीपत टोल पर लंबा जाम लग रहा है। किसान आंदोलन खत्म होने के बाद जब से टोल शुरू हुए हैं, तब से यह दिक्कत पेश आ रही है। वाहनों में लगे फास्टैग को टोल पर लगा स्कैनर कभी स्कैन करता है तो कभी नहीं। जब स्कैन नहीं करता तो मैनुअल प्रक्रिया में पांच से 10 मिनट तक का समय लग रहा है। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार लग जाती है।
इसके साथ ही कुछ वाहन चालकों की लापरवाही से भी जाम लग रहा है। फास्टैग नहीं बना होने, लगा होने पर रिचार्ज नहीं कराने या ब्लैक लिस्ट हो जाने की वजह से भी दिक्कत आ रही है। ऐसे वाहन कैश लेन की जगह फास्टैग की लेन में घुस रहे हैं, जिस पर दोगुना टोल मांगने जाने पर हंगामा हो रहा है। इस दौरान आधे-आधे घंटे तक लोगों को अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।
नकद लेनदेन ही जाम की सबसे बड़ी वजह
टोल प्लाजा पर नकद लेनदेन जाम की सबसे बड़ी वजह है। ऑटोमेटिक सेंसर और मैन्युअल मशीन से स्कैन होने पर पता चलता है कि फास्टैग रिचार्ज ही नहीं है, जिस पर वाहन चालक को नकद भुगतान करना पड़ता है, जिसमें समय खराब होता है। टोल से रोज 26 हजार से ज्यादा वाहन दिल्ली और चंडीगढ़ की ओर जाते है। ऐसे में, कुछ सेकंडों की देरी में ही जाम लग जाता है।
फास्टैग न होने पर लेन में घुसे तो देने पड़ेगा दोगुना टोल
फास्टैग न होने या फास्टैग ब्लैकलिस्ट होने पर वाहन चालकों से दोगुना टोल वसूला जा रहा है। कार चालकों से 35 रुपये टोल वसूला जाता है और कहीं उनका फास्टैग नहीं हुआ तो 60 रुपये का भुगतान करना पड़ रहा है। लोग कैश लेने में जाते तो ही उनसे सामान्य टोल लिया जाता।