बागवानी विभाग अब किसानों को सिर्फ पांच दिन में ही अति आधुनिक खेती के गुर सिखाएगा। इसमें सब्जियों फल-फूल, औषधीय, सुगंधित पौधे, मधुुमक्खी पालन, जैविक खेती औरक टपका सिंचाई विधि को शामिल किया गया है।
इसरायल का दौरा कर चुके विशेषज्ञ तकनीक का प्रशिक्षण देंगे। वहीं, प्रशिक्षण पर आने वाला खर्च विभाग वहन करेगा और परियोजना पर विभाग 1.69 करोड़ रुपये खर्च करेगा।
किसानों को करवाना होगा पंजीकरण
किसानों को पुरानी और परंपरागत खेती से बाहर निकालकर उन्हें अति आधुनिक तरीके से खेती के लिए तैयार करने के लिए बागवानी विभाग ने एक महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। योजना के तहत विभाग किसानाें को उद्यान प्रशिक्षण संस्थान और करनाल में एडवांस प्रशिक्षण देगा।
इस प्रशिक्षण शिविर में प्रवेश पाने के लिए किसानों को जिला उद्यान अधिकारी कार्यालय में पंजीकरण कराना होगा। प्रत्येक जिले से कोटा अनुसार किसानों का चयन किया जाएगा। जिलों से चयनित किसानाें को बैच वार करनाल स्थित उद्यान प्रशिक्षण संस्थान में भेजा जाएगा।
यह प्रशिक्षण प्रत्येक सोमवार से शुक्रवार तक चलेगा। इसरायल में आधुनिक खेती का प्रशिक्षण ले चुके बागवानी विभाग के विशेषज्ञ किसानों को प्रशिक्षण देंगे।
इस दौरान उन्हें सब्जियों, फल-फूल, औषधीय, सुगंधित पौधे, खूंब, मधुमक्खी पालन, रेशम पालन जैविक खेती व टपका सिंचाई विधि का प्रशिक्षण दिया जाएगा। विभाग का दावा है कि यह प्रशिक्षण पाकर किसान अपने खेत में अधिक उत्पादन कर सकेगा।
प्रशिक्षण के दौरान उद्यान प्रशिक्षण संस्थान में किसानाें के खाने पीने, ठहरने और उनके आनेजाने का किराया विभाग वहन करेगा।