सनौली। यमुना के आसपास के करीब 25 गांवों के किसानों की महापंचायत रविवार को गांव सनौली खुर्द के रिशपुर रोड पर मदरसे में हुई। महापंचायत की अध्यक्षता यमुना सुधार समिति के प्रदेशाध्यक्ष रत्तन सिंह रावल एडवोकेट व पत्थरगढ़ के बुजुर्ग किसान मौलवी हारुण ने की। इस दौरान किसानों ने शासन से प्रति एकड़ 50 हजार रुपये मुआवजे की मांग की।
किसान महापंचायत में यमुना सुधार समिति के अध्यक्ष रत्तन सिंह रावल ने बताया कि यमुना से सटे किसान कर्जदार थे और अब और भी कर्जदार होते जा रहे हैं। उसका सबसे अहम मुद्दा यमुना क्षेत्र के गांवों की 80 से 90 प्रतिशत जमीन शामलात होने से है। अगर सरकार उनकी शामलात जमीन को मलकियत में बदल दे तो किसानों को सरकारी ऋण व बैंकों से भी खेती पर सस्ता ऋण उपलब्ध हो सकता है। सबसे अहम मामला यमुना खादर के किसानों की जमीन को मलकियत में बदलने पर ही किसान की आय बढे़गी तो कर्ज से मुक्ति मिल सकती है। जमीन शामलात होने पर उन्हें सरकार व बैंकों से सस्ता ऋण नहीं मिलता। उन्हें आढ़तियों या अन्य जगहों से लोगो से अधिक ब्याज लेकर खेती करनी पड़ती है।
बैठक में यमुना का तटबंध टूटने से करीब एक दर्जन गांवों के किसानों की हजारों एकड़ बर्बाद हुई फसल पर चर्चा की गई। किसानों ने सरकार से 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग की है। रतन सिंह रावल ने कहा कि किसानों का प्रतिनिधिमंडल तामशाबाद टोल फ्री कराने व 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजे की मांग को लेकर जल्द ही सांसद संजय भाटिया और उपायुक्त वीरेंद्र दहिया से मिलेंगे। सरकार व प्रशासन ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो जिला मुख्यालय सहित बापौली तहसील कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा। उसके उपरांत भी सरकार ने किसानों की कोई सुनवाई नहीं की तो जल्द ही दोबारा से किसान महापंचायत करके आने वाले लोकसभा व विधानसभा चुनाव बहिष्कार करने का फैसला लिया जाएगा। बैठक को राजेश त्यागी, मौलाना हारुण, हाफिज, सज्जाद, मौलाना असजद, मौलाना आसिफ, कैरी रिहान, हजी ताहिर, सहजाद, यासीन, याकूब व रियाज अहमद मौजूद रहे।