संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। भारतीय किसान यूनियन के बैनर तले किसानों ने सोमवार को अनाज मंडी में मार्केट कमेटी कार्यालय का घेराव किया। किसान नेताओं ने धान से भरी ट्रैक्टर-ट्राॅली को मार्केट कमेटी के मुख्य गेट पर खड़ा कर खरीद एजेंसियों व आढ़तियों पर कमीशनखोरी का आरोप लगाया। किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय में टेंट लगाकर शाम तक प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने एसडीएम के नाम मार्केट कमेटी सचिव सविता जैन को ज्ञापन सौंपा और धान खरीद एजेंसी हैफेड व राइस मिलर्स द्वारा किए कथित घोटाले की जांच करने की मांग की।
यूनियन के जिलाध्यक्ष सूरजभान रावल ने कहा कि एक तरफ जहां प्रदेश सरकार 23 फसल एमएसपी पर खरीदने के दावे कर रही है, वहीं मंडियों में किसान की धान की फसल को कम दामों पर खरीदा जा रहा है। मंडी में किसानों से धान पर 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से अग्रिम कमीशन लिया जा रहा है और किसानों के नाम पर एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) का कच्चा पर्चा बनाकर खरीदी की जा रही है।
प्रशासन के संरक्षण में ऐसी अनियमितताओं के कारण किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है और उनका आर्थिक शोषण हो रहा है। किसान नेता सूरजभान रावल ने कमेटी के चेयरमैन विनय जैन की नियुक्ति पर सवाल उठाए और कहा कि मार्केट कमेटी के नवनिर्मित चेयरमैन जो कि न तो किसान है और न ही आढ़ती है बल्कि दिल्ली में व्यवसायी हैं। उन्होंने प्रदेश सरकार से इन्हें बदलकर किसानों के प्रतिनिधि को चेयरमैन बनाने की मांग की है। इस अवसर पर किसान नेता राजबीर मलिक, हरेन्द्र राणा, सुखबीर आट्टा, आजाद वैरागी, सत्य नारायण, वेद, ब्लाॅक प्रधान नरेंद्र काला, बीरा, सुरेंद्र मलिक महावटी उपस्थित रहे।