पानीपत। पानीपत टोल पर आयोजित धरने में बारिश के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए किसान।
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पानीपत। इस वर्ष गेहूं के सीजन में कई किसानों की 250 से 300 एकड़ गेहूं की फसल जल गई, लेकिन सरकार अभी तक इन किसानों को मुआवजा नहीं दे सकी है। पानीपत टोल प्लाज पर किसान और मजदूरों के धरने के दौरान किसान नेता कुलदीप बलाना ने कहा। उन्होंने कहा कि गांवों के पटवारियों ने जली हुई गेहूं की फसल का सर्वे भी किया था, लेकिन सरकार अब तक मुआवजा नहीं दे सकी है।
संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर पानीपत टोल पर किसानों और मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना जारी हैं। धरने की अध्यक्षता भाकियू के पूर्व जिला प्रधान जयकरण कादियान ने की और संचालन पूर्व जिला उपप्रधान बिंटू मलिक ने किया। भाकियू के नेताओं ने कहा कि इनमे कुछ किसान तो ऐसे है, जिनकी सारी गेहूं की फसल जल गई और उनको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने जिला प्रशासन से मांग की कि करते हुए कहा की जिन किसानों की गेहूं की फसल जली है, उसके मुआवजे के लिए जिला प्रशासन प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजे। इस मौके पर धर्म सिंह जागलान, सतपाल चहल, केदार सिंह जागलान, जयपाल छौक्कर, रामकिशन ढिल्लो, चरण सिंह, कर्ण सिंह लांबा, सुरेंद्र बांगड़ और अग्निवेश आदि मौजूद रहे।
गांव डाहर में बन रहे नई शुगर मिल में पेराई सत्र शुरू करने की मांग
किसानों ने कहा कि पानीपत के गांव डाहर में बनाई गई नई शुगर मिल में इस वर्ष ही पेराई सत्र शुरू किया जाए। भाकियू पदाधिकारियों और किसानों ने सरकार एवं प्रशासन को अल्टीमेटम दिया कि इस वर्ष से नई शुगर मिल में पेराई सत्र शुरू नहीं हुआ तो किसान शुगर मिल के गेट पर अनिश्चितकालीन धरना देने पर मजबूर होंगे।