- किसानों ने कृषि अधिकारियों पर मिलीभगत का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। धान के सीजन में यूरिया की कमी दूर नहीं हो पा रही है। किसानों को सोसाइटी में सुबह से शाम तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाद नहीं मिल पाता है। किसानों ने कृषि अधिकारियों पर भी इस किल्लत में मिलीभगत का आरोप है। वहीं कृषि विभाग जिले में पर्याप्त यूरिया खाद होने का दावा कर रहे हैं। इसराना के मांडी गांव स्थित सोसाइटी कार्यालय पर खाद न मिलने पर किसानों ने प्रदर्शन किया।
दरअसल किसान सोमवार सुबह ही मांडी गांव स्थित दी मांडी मल्टीपर्पज प्राइमरी एग्रीकल्चर को-ऑपरेटिव सोसाइटी पर यूरिया खाद लेने पहुंचे। किसानों को खाद नहीं मिला तो उनका गुस्सा फूट गया। उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। सोसाइटी के पूर्व प्रधान हवा सिंह बलराज मांडी, लहणा सिंह चमराड़ा, राजेश चमराड़ा बलवान मांडी, हरिराम ग्वालडा, महावीर बांध व महेंद्र सिंह ने बताया कि सोसाइटी पर खाद नहीं भेजा गया जबकि प्राइवेट दुकानदारों के पास खाद भेजा गया है। धान का सीजन होने से किसानों को यूरिया खाद की फिलहाल जरूरत है। सरकारी सोसाइटी में खाद नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। उन्हें प्राइवेट दुकानों पर खाद के साथ महंगे रेट की दवाइयां खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने बताया कि सोसाइटी से 12 दिन पहले यूरिया खाद की मांग भेजी थी। यहां आज तक खाद नहीं भेजा गया। जबकि प्राइवेट डीलर को खाद दी जा सकती है। किसानों को जानबूझकर परेशान किया जा रहा है। किसानों ने चेताया कि जल्द यूरिया खाद सोसाइटी पर उपलब्ध नहीं कराया गया तो किसान सरकार के खिलाफ धरना शुरू कर देंगे।
खाद के लिए किसानों में आपाधापी
मतलौडा। सोमवार को यूरिया लेने के लिए मारामारी रही। ऐसे में पुलिस का सहारा लेना पड़ा। किसान सोसाइटी कार्यालय खुलने से दो घंटे पहले ही सुबह सात बजे पहुंच गए थे। यहां किसी को खाद मिल गया तो किसी को मायूसी हाथ ली। किसान राममेहर, ईश्वर और नफेसिंह ने बताया कि धान की फसल में 40 दिन तक ही यूरिया का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए किसानों का सीजन में यूरिया की जरूरत है। बाहर यूरिया खाद के साथ दीमक, खरपतवारनाशक समेत अन्य दवा जबरदस्ती किसानों को थमा आ रहे हैं। जिससे किसानों में काफी रोष बना हुआ है। यूरिया वितरण के दौरान आज अनाज मंडी में कई बार किसानों में धक्का मुक्की भी हुई। जिसके चलते पुलिस बुलानी पड़ी। हैफेड के मैनेजर प्रवीण कुमार ने ब ताया कि किसान पर दवा खरीदने का कोई दबाव नहीं है। सोमवार को तीन हजार बैग बांटे हैं। दो हजार बैग और आने बाकी हैं। संवाद