पानीपत। जिला प्रशासन व कृषि विभाग द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों व सख्ती के बावजूद धान कटाई का सीजन शुरू के बाद किसानों द्वारा खेतों में पराली जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। जिले में अब तक पराली जलाने के 27 मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि धान उत्पादक जिलों की तुलना में पानीपत जिले में पराली में आग लगाने के मामले बहुत कम है। वहीं, कृषि विभाग पराली में आग लगाने वाले किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। पराली जलाने पर संबंधित किसान को उसकी फसल पर एमएसपी से वंचित किया जा सकता है। पराली जलाने वालों पर एफआईआर व उनकी फसल पर एमएसपी न देने का फैसला 15 सितंबर से लागू होगा। इस एक माह में पराली जलाने के जो मामले सामने आए हैं, उनमें यह कार्रवाई हो सकती है। प्रशासन और कृषि विभाग ऐसे किसानों की सूची बनाकर कार्रवाई करेगा।
कृषि विभाग व जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे जागरूकता अभियान व सख्ती के बावजूद किसानों को न तो प्रशासन की सख्ती का डर है, न ही जुर्माने का। जिले में पराली जलाने के अब तक 27 मामले सामने आ चुके हैं। मामले में किसानों पर 12,500 रुपये जुर्माना किया है, जबकि सात मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। पानीपत में शनिवार को पराली जलाने का कोई मामला सामने नहीं आया। अब ऐसे किसानों की जानकारी जुटाई जा रही है, जिन किसानों को फसल पर एमएसपी नहीं दी जाएगी। हालांकि फसल पर एमएसपी न देने का निर्णय अभी फाइनल नहीं हुआ है।
तीन कर्मचारियों को नोटिस
उधर, कृषि विभाग ने बीते सप्ताह ऐसे तीन कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जिन्होंने पराली जलाने के मामलों में जागरूकता को लेकर लापरवाही बरती है। कृषि विभाग ने अब पराली जलाने के मामलों में सख्ती लाना शुरू की है। जिला प्रशासन के आदेशों पर अब पराली जलाने वाले किसानों पर सीधा एफआईआर दर्ज की जाएगी। कृषि अधिकारियों ने किसानों से पराली न जलाकर विभाग का सहयोग करने का आह्वान किया है।
किसानों को किया जा रहा जागरूक
वहीं, कृषि विभाग द्वारा किसानों को पराली न जलाने के लिए विभिन्न माध्यमों से जागरूक किया जा रहा है। जिला उपायुक्त वीरेंद्र दहिया के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा टीम बनाकर खेतों का निरीक्षण किया जा रहा है। नोडल अधिकारियों सहित ग्राम, खंड व जिला स्तर पर टीमों का गठन किया गया है जिन्हें अपने क्षेत्र में पराली प्रबंधन को लेकर निगरानी रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। पराली जलाने पर रोक लगाने के लिए ग्राम सचिवों और पटवारियों की मुख्य जिम्मेदारी तय की गई है। खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी को रोजाना ग्राम सचिवों की बैठक करने के निर्देश दिए हैं। वहीं, तहसीलदार और पटवारी उपायुक्त को पराली के प्रबंधन और पराली जलाने पर लगी रोक के बारे में जानकारी देंगे। इसको लेकर उपायुक्त वीरेंद्र दहिया अधिकारियों की बैठक ले चुके हैं।
वर्जन-
पराली न जलाने को लेकर किसानों को विभिन्न माध्यम से जागरूक किया जा रहा है। वहीं, प्रशासन द्वारा सख्ती बरतते हुए जुर्माने का प्रावधान किया गया है। संबंधित किसान के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। वहीं, पराली जलाने वाले किसानों को फसलों पर एमएसपी से वंचित किया जा सकता है। निर्देश मिलने पर ऐसे किसानों की जानकारी जुटाई जाएगी।
- देवेंद्र कुहाड़, उपमंडल अधिकारी, कृषि विभाग, पानीपत।