पानीपत। दो दिन मौसम साफ रहने के बाद किसानों ने सरसों की फसल कटाई तेज कर दी है। इसके साथ ही मंगलवार को पानीपत नई अनाज मंडी में चार सौ कट्टे सरसों यानि की 200 क्विवंटल सरसों पहुंची लेकिन सरकारी खरीद न होने से किसानों को मायूसी हुई। उन्होंने प्राइवेट एजेंसियों को 4400 से 4500 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से सरसों बेची।
किसान सुरेंद्र, सुरजभान, विक्रम सिंह आदि किसानों ने बताया कि किसी तरह से सरसों की फसल को तैयार करके मंडी तक पहुंचे हैं। अब सरकारी खरीद की बाट जोहते रहे तो हो सके फिर से मौसम खराब हो जाए और इससे भी हाथ धोना पड़ा, इसलिए प्राइवेट एजेंसियों को 1100 रुपये कम पर ही दे रहे हैं। सरकार का पता नहीं कितने दिनों में खरीद शुरू कराए।
वैसे तो पानीपत की नई अनाज मंडी में सरसों की आवक करीब 10 दिनों से हो रही है। इस बीच मौसम खराब होने के कारण फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई और वे जल्द से जल्द फसलों को मंडी तक पहुंचाने में जुटे हैं। दूसरी ओर सरसों की सरकारी खरीद शुरू न होने से कुछ किसानों ने खेत से लाकर अपने घरों में स्टॉक कर लिया है जिससे वे सरकारी खरीद शुरू होने पर बेच सकें। मार्केट कमेटी सचिव आशा रानी ने बताया कि उन्होंने अपनी ओर से पूरी तैयारी कर रखी है। जैसे ही सरकार की ओर से निर्देश मिलेंगे, सरकारी खरीद शुरू कर दी जाएगी।
आढ़ती एसोसिएशन भेज चुकी है सरकार को लिखित ज्ञापन
मंडी में सरसों की आवक शुरू होने के साथ ही आढ़ती एसोसिएशन ने सरकार को जल्द खरीद शुरू करवाने के लिए ज्ञापन प्रेषित किया था। हरियाणा आढ़ती एसोसिएशन के उपप्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि किसानों की परेशानी को समझते हुए आढ़तियों ने सरकार से आग्रह किया था कि सरसों की सरकारी खरीद जल्द शुरू करें, लेकिन अभी तक कोई निर्देश नहीं दिए गए हैं।
विदित हो कि सरसों की एमएसपी 5650 रुपये प्रति क्विंवटल है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसानों को 1100 से लेकर 1200 रुपये तक कम भाव पर इसे बेचना पड़ रहा है। अब थोड़े दिनों के बाद गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी तो किसानों के लिए दोनों फसलें संभालना मुश्किल हो जाएगा।