समालखा। यमुना नदी में चल रहे अवैध खनन को रोकने के लिए आसपास के पांच गांव के ग्रामीणों में आक्रोश है। रविवार को गांव राक्सेडा में कारकौली, बिलासपुर, खोजकीपुर सहित पांच गांवों के किसानों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है खनन के कारण उनकी कृषि भूमि यमुना नदी में समा चुकी है। उन्होंने तुरंत ही अवैध खनन पर लगाम लगाने की मांग की है।
रविवार सुबह ग्रामीण रोक्सेडा गांव में एकत्र हुए। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में खुलेआम खनन किया जा रहा है। बड़े-बड़े ट्रक दिन-रात रेत भरकर गांवों की गलियों से गुजर रहे हैं, जिससे हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है और ग्रामीणों का जीना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्षों में भी खनन के कारण उनकी कृषि भूमि यमुना के कटाव में समा चुकी है, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा था। इसके बावजूद अब फिर से उसी तरह खनन शुरू होने से लोगों में गहरी चिंता और आक्रोश है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन पर लापरवाही और मिलीभगत के आरोप भी लगाए। उनका कहना है कि शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही, जिससे खनन करने वाले लोगों के हौसले बुलंद हैं।
किसानों ने साफ चेतावनी दी कि यदि जल्द ही अवैध खनन पर रोक नहीं लगाई गई, तो वे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि तुरंत मौके पर कार्रवाई कर खनन कार्य बंद कराया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं, ताकि क्षेत्र को संभावित बाढ़ और जमीन के नुकसान से बचाया जा सके। इस मौके पर रामदिया, सरपंच सिंबलगढ़ सतीश, सरपंच बुढ़नपुर सुशील त्यागी राम सिंह, जय प्रकाश शर्मा, जयप्रकाश, सुभाष, रविदास, सत कुमार, विक्की, श्याम आदि रहे।