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कृषि अध्यादेशों के खिलाफ सड़क पर उतरे किसान, तीन घंटे लगाया जाम

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पानीपत। मतलौडा-जींद हाइवे जाम कर बैठे किसान। - फोटो : Panipat
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जिले के करीब 17 किसान संगठनों ने केंद्र सरकार के तीन कृषि कानूनों के विरोध में रविवार को जीटी रोड को छोड़ अन्य रास्तों पर तीन घंटे के लिए जाम लगाया। इस दौरान किसानों ने ट्रैक्टर ट्राली अड़ाकर रास्तों को ब्लॉक कर दिया और वहीं धरने पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे किसान अन्नदाता यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष सुरेश दहिया के नेतृत्व में किसानों ने भालसी गांव के पास पानीपत जींद स्टेट हाईवे पर ट्रैक्टर अड़ाकर जाम किया और सड़क पर धरने पर बैठ गए। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि 25 सितंबर को भारत बंद रहेगा। जिसकी रणनीति तय कर किसानों और आढ़तियों को बताई जाएगी। किसान धरने पर बैठे रहे और पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर ही डटे रहे। दोपहर तीन बजे से किसानों खुद ही धरना समाप्त कर सड़क से जाम हटा दिया।
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वहीं, अनाज मंडी पानीपत और मतलौडा मंडी में भी सुबह किसानों ने सरकार विरोधी नारे लगाए। किसान और आढ़ती सुबह 10 बजे से ही अनाजमंडी में पहुंचाना शुरू हो गए थे। वहीं सोमवार को कांग्रेस पार्टी के नेेता भी इन कानूनों के खिलाफ राष्ट्रपति के नाम से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपेंगे। किसान नेताओं सुरेंद्र दहिया, बिंटू मलिक, सुधीर जाखड़ आदि ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए तीनों कानून किसान विरोधी हैं। 5 जून को तीन अध्यादेश चोर दरवाजे से लागू किया गए। किसानों के विरोध प्रदर्शन में मुख्य रूप से सुधीर जाखड़, बिंटू मलिक, भीम सिंह, सुरेश दहिया, बलबीर बेनीवाल, ओमप्रकाश मलिक, जयबीर पन्नू, सुभाष पन्नू, राहुल रोहतक, ओमप्रकाश, कृष्ण देशवाल, करना लीडर, जगदीश दहिया, कर्म सिंह दहिया, प्रेम भंडारी, अजमेर सिंह दहिया, आम आदमी जिला अध्यक्ष सुखबीर मालिक, जोन प्रवक्ता अजय शर्मा, सूरजभान, संदीप डेजहवाल, रेनू राणा, सचिव महिला विंग, दीपक बग्गा, देवंत, युवा किसान नेता विकास गौतम, संदीप मलिक, अमित समेत तमाम आढ़ती मौजूद थे।
कवी के किसानों ने बचाई यूनियन की लाज
पिपली में हुए लाठीचार्ज के बाद किसान और आढ़ती डरे हुए थे। इसलिए किसान और आढ़ती मंडी में ही धरने पर बैठने पर विचार कर रहे थे। जाम की घोषणा कर चुके किसान नेताओं का हौसला टूट रहा था। इतने में कवी गांव से सात ट्रैक्टर ट्रालियों में किसान पहुंच गए। इस पर यूनियन ने सड़क जाम कर धरना दिया। आढ़ती भी धरना स्थल पर पहुंचे और किसानों को समर्थन दिया।
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किसानों बोले जाम लगाएंगे पर एंबुलेंस-इमरजेंसी वाहनों को रास्ता देंगे
किसानों और आढ़तियों के अनाज मंडी में पहुंचने के बाद सुबह 11 बजे एएसपी कुलदीप सिंह, डीएसपी संदीप सिंह, एमडी शुगरमील प्रदीप अहलावत आढ़तियों पहुंचे और जाम न लगाने की अपील की। किसान नेता सड़क जाम करने की जिद्द पर अड़े रहे। किसानों ने कहा कि उनका जाम और धरना शांतिपूर्ण होगा। इस दौरान एंबुलेंस या इमरजेंसी वाहनों को रास्ता दिया जाएगा।
तीन घंटे में थक चुके थे करीब 250 किसान
तपती धूप में सड़क के बीच धरने पर किसान बैठ तो गए, लेकिन जल्द ही परेशान होने लगे। धरने पर करीब 250 किसान पहुंचे थे। कई किसान धूप और गर्मी से इतना थक गए कि दो घंटे बाद चले गए थे। कई किसान सड़क किनारे छाया में जाकर लेट गए।
वाहनों को असान कलां से किया गया डायवर्ट
धरना शुरू होते ही पुलिस ने स्थानीय रास्तों से वाहनों को डायवर्ट किया। वाहनों को शिव गोशाला के पास से डायवर्ट करके वाया थिराना आसनकलां होते हुए खुखराना स्टेट हाइवे पर निकाला गया। चौक चौराहों पर पुलिस तैनात की गई, जिसे वाहनों चालकों को परेशानी नहीं हो।
- तीन घंटे के लिए थम गया रोडवेज बसों का पहिया
तीन घंटे के लिए रोडवेज का पहिया भी थम गया। पानीपत डिपो से 25 बसें अपने निर्धारित रूटों के रास्ते पर बीच में रूक गई। तीन घंटे के ठहराव के बाद बसें चलाई गई। इसके अलावा प्रदेश में रोडवेज की कई बसें बस अड्डों पर खड़ी दिखाई दी। केवल जीटी रोड पर दिल्ली बार्डर से चंडीगढ़ तक ही बस चली।
पुलिस और प्रशासन रहा मुस्तैद
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात करने के साथ ही एंबुलेंस, फॉयर ब्रिगेड, पुलिस सुरक्षा कवच की गाड़ियां तैनात रहीं। धरने की जगह से सड़क के दोनों ओर वाहनों के निकलने के रास्ते बनाए गए।
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