संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। नौल्था गांव में सोमवार को एक किसान ने एक कंपनी के वेयरहाउस को जाने वाली रेल लाइन पर लाल झंडा लगा दी। लाइन पर लाल झंडा लगाने की सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम प्रभारी के साथ मौके पर पहुंच गई और झंडे को हटाया। किसान का कहना था कि रेल लाइन बिछाने के दौरान उसकी जमीन ली गई लेकिन उसे कोई मुआवजा नहीं मिला। किसान ने आरोप लगाया कि संबंधित कंपनी ने उसकी भूमि पर अधिकार जताए बिना काम करा लिया।
आरपीएफ के प्रभारी ने बताया कि नौल्था गांव में अडानी एग्री लॉजिस्टिक्स लिमिटेड का वेयरहाउस है। ये सीधे रेल लाइन से जुड़ा हुआ है। इसी लाइन से गेहूं सहित अन्य अनाज की मालगाड़ियां जाती हैं। नौल्था के किसान जितेंद्र की जमीन रेलवे ट्रैक से लगभग चार एकड़ दूर है। मंगलवार को एक मालगाड़ी के आने का शेड्यूल है। किसान ने इससे पहले सोमवार को ट्रैक पर लाल झंडा लगा दिया था। किसान को मौके पर जाकर समझाया और रेलवे लाइन से लाल झंडा हटवाया। वेयरहाउस तक जाने वाली रेलवे लाइन के लिए जमीन वर्ष 2021 में खरीदी गई थी। इस पर लाइन बिछाई गई थी। यह जमीन गांव के सात-आठ किसानों से खरीदी गई थी। किसान जितेंद्र मुआवजा न मिलने का दावा कर रहा है। उनको समझा दिया गया है। आरपीएफ ने जमीन की पैमाइश कराने का आश्वासन दिया है।