जिले के बिंझौल गांव के एक किसान का बे मौसमी बारिश में फसल खराबे में मुआवजे के रूप में मिला चेक बाउंस हो गया है। बैंक ने किसान को चेक बाउंस होने पर 114 रुपये रिजेक्शन चार्ज के नाम पर भी खाते से काट लिए हैं। किसान ने चेक बाउंस को धोखा बताया है और इसमें दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। प्रशासनिक अधिकारियों ने किसान को उचित कार्रवाई और चेक दोबारा देने का भरोसा दिलाया है।
पहले बेमौसमी ने और अब बैंक ने झटका दे दिया है। पंजाब नेशनल बैंक ने बिंझौल निवासी किसान राणा सिंह का 3500 रुपये का चेक बाउंस कर दिया। किसान राणा सिंह चेक बाउंस के मामले में मंगलवार को सीटीएम पानीपत से मिले और इसमें निष्पक्ष जांच कर आरोपी अधिकारियों पर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।
किसान राणा सिंह ने बताया कि उसको गेहूं की फसल खराब होने पर मुआवजे के रूप में 3500 रुपये का चेक मिला था। उसने चेक को अपने खाते में लगा दिया। पंजाब नेशनल बैंक ने चेक बाउंस कर दिया और उसके खाते से 114 रुपये रिजेक्शन चार्ज के रूप में काट लिए।
गेहूं खराबे की रिपोर्ट भी नहीं दी
किसान राणा सिंह ने आरोप लगाया कि उसको पहले ही गिरदावरी मनमर्जी होने पर मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब उसका चेक बाउंस हो गया। वह बैंक की कार्रवाई के चलते बहुत दुखी है। उसने चेतावनी दी कि वह मानसिक रूप से परेशानी के चलते किसी भी तरह का गलत कदम उठा सकता है। उसने आरोप लगाया कि संबंधित विभाग द्वारा उसको गेहूं खराब होने की रिपोर्ट भी नहीं दी गई है। उसने कहा कि उसको रिपोर्ट के आधार पर ही फसल खराब प्रतिशत की जानकारी मिल सकेगी।
किसान ने सीएम को भी लिखा पत्र
किसान राणा सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है और मुआवजा दिलवाने के साथ बैंक की ओर से रिजेक्शन के नाम पर काटी गई राशि वापस दिलवाने की मांग की है। उसने इस मामले की निष्पक्ष जांच करने और इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
बिंझौल निवासी किसान राणा सिंह ने मुआवजे का चेक बाउंस होने की जानकारी दी है। उन्होंने किसान की शिकायत ले ली है। उन्होंने उसी समय मामले की जांच करा दी है। सरकारी बैंक खाते में कुछ गलती मिली हैं। उन्होंने गलती को ठीक करा दिया है। किसान अपने मुआवजे का चेक बैंक में लगा सकता है। उसको बैंक की ओर से काटी राशि भी वापस दिलाई जाएगी।
वीरेंद्र चौधरी, सीटीएम, पानीपत