क्रेटा कार की नकली आरसी तैयार करने वाले रोहतक के हलके महम के एसडीएम के क्लर्क अनिल को सुनारिया जेल से सीआईए-1 प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आई है। गहनता से पूछताछ करने के लिए क्लर्क को न्यायालय में पेश कर 4 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। आरोपी पर पहले भी कई जिलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सीआईए-1 प्रभारी राजपाल सिंह ने बताया कि बीते जून में कुर्बान निवासी गढ़ी बेसक ने थाना सेक्टर 13-17 में शिकायत दी थी कि सेक्टर 13-17 हाउसिंग बोर्ड में उसका कार सेल प्रचेज का ऑफिस है। एक माह पहले उसके ऑफिस पर दोस्त राजेश गोयल निवासी करनाल के साथ ललित और विनय निवासी सौकंडा आए थे। ललित और विनय ने कहा कि उनके पास एक क्रेटा कार है, जिसे उसने 10.10 लाख रुपये में खरीद लिया। जब कार की सर्विस कराने गया तो एजेंसी से पता चला कि कार की आरसी पर कोई रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने ललित को कॉल कर रुपये मांगे तो उसने सुनील, विकास निवासी बासा, वरुण शर्मा निवासी विधान नगर और महम रोड निवासी सुभाष का नाम लिया और कहा कि रुपये इन सभी के पास हैं। पीड़ित ने बताया कि आरोपी वरुण और सुभाष ने फर्जी आरसी तैयार कराई और क्रेटा कार उसे बेचकर धोखाधड़ी से 10.10 लाख रुपये ऐंठ लिए। सीआईए-1 प्रभारी राजपाल ने बताया कि आरोपी अनिल पुत्र रविदत्त निवासी टाइप-2, रेवेन्यू कॉलोनी, रोहतक का रहने वाला है। वह एसडीएम महम के कार्यालय में क्लर्क के पद पर कार्यरत था। आरोपी अनिल नकली आरसी बनाने के मामले में वर्ष 2020 में पकड़ा जा चुका है और सुनारिया जेल में बंद है।
आरोपी अनिल को प्रोडक्शन वारंट पर लेकर न्यायालय में पेश किया। जहां से गहनता से पूछताछ करने के लिए आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। जल्द ही वारदात में शामिल अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-राजपाल सिंह, सीआईए-1 प्रभारी