मंडी में नकली शहद दिखाते हुए। संवाद
पानीपत। पुलिस ने नई सब्जी मंडी में नकली शहद का भंडाफोड़ किया है। मंडी प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मौके से 30 किलोग्राम शहद और इसके लिए प्रयुक्त की जा रही फेविकोल और फिटकरी चीनी बरामद की है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इस शहद को नष्ट कर दिया है। सेक्टर-29 थाना के अंतर्गत किशनपुरा चौकी पुलिस ने तीन बाइक बरामद की हैं। प्रथम दृष्टया में सामने आया कि झोपड़ियों में रहने वाले लोग केमिकल का प्रयोग कर शहद बना रहे थे।
सब्जी मंडी के प्रधान ललित मलिक ने बताया कि उन्हें मंडी में नकली शहद बनाने की जानकारी मिली थी। उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। इस पर डायल 112 के प्रभारी एसआई मुकेश कुमार मौके पर पहुंचे। पुलिस के आने पर लोग भट्ठी पर सामान छोड़कर भाग गए। पुलिस ने यहां प्लास्टिक की बाल्टियों में काफी मात्रा में रखा फेविकोल जैसा तरल पदार्थ और प्लास्टिक की पन्नियों में रखी चीनी व गुड़ की चाशनी और फिटकरी बरामद की। पुलिस की सूचना पर खाद्य सुरक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रथम दृष्टया में शहद का केमिकल युक्त होना पाया। उन्होंने मौके से बरामद शहद और अन्य पदार्थ नमूने भर लिए और करीब 30 किलोग्राम शहद को नष्ट कर दिया। पुलिस ने यहां से तीन मोटरसाइकिल बरामद की हैं।
रात को बनाया जाता है शहद
आढ़तियों ने बताया कि झोपड़ियों के बाहर रात को नकली शहद बनाया जाता है। ये शहद शहर व आसपास के गांव में बच्चे और महिला बेचने जाती हैं। केमिकल युक्त शहद को शुद्ध बताकर बेचा जा रहा है। आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान ललित मलिक ने कहा कि मार्केट कमेटी के अधिकारियों को कई बार सब्जी मंडी से झुग्गी झोंपड़ी हटवाने को कहा गया है। इसका कोई समाधान नहीं हो पाया है। वर्जन :
पुलिस को नई अनाज मंडी में नकली शहद बनाने की सूचना मिली थी। तीन मोटरसाइकिल और कुछ सामान बरामद किया है। केमिकल और शहद के खाद्य सुरक्षा को नमूने भरवाए गए हैं। पुलिस इसमें नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई करेगी। इसके अलावा शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
सुभाष, प्रभारी, थाना पुलिस सेक्टर-29।
वर्जन :
नई सब्जी मंडी में नकली शहद बनाने की सूचना मिली थी। मौके से शहद और दूसरे पदार्थों के नमूने लिए गए हैं। इनको जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेजा जाएगा। नमूनों की रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी। टीम झुग्गी झोपड़ियों में दबिश देकर इस तरह के पदार्थों की जांच करेगी।
डॉ. बिरेंद्र यादव, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी।