पानीपत/समालखा। समालखा के एक फैक्टरी मालिक के संदिग्ध हालात में कनपटी के पास गोली लग गई। उन्हें गंभीर हालत में शहर के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया है।
पड़ाव मोहल्ला निवासी फैक्टरी मालिक राजेश अपने घर पर थे। गोली लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है। परिजन पूरी तरह से चुप्पी साधे हैं। पुलिस ने फिलहाल इसे आत्महत्या का प्रयास मान रही है। समाचार लिखे जाने तक पीड़ित या परिजनों ने किसी तरह के बयान दर्ज नहीं कराए थे।
गोली चलने की घटना समालखा के पड़ाव मोहल्ला में शुक्रवार सुबह फाउंड्री उद्यमी के घर पर हुई। गोली आयरन फैक्टरी मालिक राजेश मित्तल की कनपटी के ऊपर लगी। गोली उनकी लाइसेंसी हथियार से चलने की बात कही जा रही है। गोली चलने की आवाज सुनकर परिवार और पड़ोस के लोग दौड़ पड़े और उन्हें पानीपत के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया।
उनकी हालत गंभीर बनी थी। जहां पर डॉक्टरों ने उनका आपरेशन किया। सूचना मिलते ही रिश्तेदार और घर के लोग अस्पताल पहुंचे। समालखा डीएसपी बली सिंह और थाना प्रभारी ने मौके का मुआयना किया और अस्पताल भी पहुंची। जहां पर परिजनों से बात की। लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से मना कर दिया। वहीं राजेश की तबियत गंभीर होने के कारण बयान नहीं मिल सके।
डॉक्टर दिन भर करते रहे कोशिश
राजेश मित्तल की कनपटी में लगी गोली खतरनाक साबित हो रही थी। निजी अस्पताल के डॉक्टर गोली निकालने में लग गए और उनकी हालात में सुधार लाने के लिए दिनभर प्रयास करते रहे। डॉक्टरों ने आपरेशन के बाद गोली को निकाल दिया। इससे राजेश हालत में सुधार होने की कुछ उम्मीद नजर आई। इस दौरान परिजनों की भी धड़कन थमी रहीं।
कैसे लगी गोली, सब चुप
राजेश मित्तल को गोली कैसे लगी। इस बात का जवाब न तो पुलिस के पास है और न ही परिजन कुछ बताने को तैयार हैं। इसके बारे में पूछने पर वे पहले ही परेशान होने का दुखड़ा सुना देते हैं। डीएसपी बली सिंह भी निजी अस्पताल में पहुंचे और परिजनों से जानने का प्रयास किया। लेकिन उनको किसी ने कुछ भी स्पष्ट नहीं बताया। बताया जा रहा है घटना के समय राजेश मित्तल परिवार समेत घर पर थे। उसकी पत्नी दैनिक कार्यों को निपटा रही थी और बेटा सोया था।
मीडियाकर्मियों को भी टालते रहे परिजन
राजेश मित्तल को गोली लगने के बाद मीडियाकर्मी भी उनके घर और निजी अस्पताल में पहुंचे। उनके निवास पर कोई भी कुछ बोलने को तैयार नहीं था। अस्पताल में कुछ लोगों ने इस मामले के बारे में बताने की कोशिश भी की। लेकिन दूसरे लोगों ने चुप करा दिया।