पानीपत। युवा फैक्ट्री मालिक और तीन बहनों के इकलौते भाई ने लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह किसी से वीडियो काल पर बात कर रहा था। इसी दौरान उसने माथे में गोली मारकर जान दे दी। परिजनों को घटना के संबंध में तब पता चला जब सोमवार की सुबह वह मंदिर जाने के लिए कमरे से नहीं निकला। बाहर से आवाज लगाने पर भी जब कोई हरकत नहीं हुई तो बहन ने डुप्लीकेट चाबी से कमरा खोला। अंदर बाथरूम के पास खून से लथपथ आशीष बंसल-32 का शव पड़ा था और हाथ में उसकी लाइसेंसी पिस्टल थी।
सेक्टर-23 के टीडीआई सिटी स्थित फ्लैट में रहने वाले आशीष बंसल के पिता घनश्याम की दो साल पहले कोरोना से मौत हो गई थी। अब आशीष सेक्टर-29 पार्ट वन में अपने पिता की हैंडलूम की फैक्टरी संभाल रहा था। वह खाटू श्याम संस्था में भी पदाधिकारी था। दो माह पहले ही उसने टीडीआई में फ्लैट खरीदा था। वह यहां अपनी मां निर्मला और बहन सारिका के साथ रहता था, जबकि दो बड़ी बहनों की पहले ही शादी हो चुकी है। आशीष बंसल के मामा विनोद गुप्ता ने बताया कि वह सावन में हर रोज सुबह मंदिर जाता था। रविवार की रात 11 बजे के करीब वह घर आया था। उसने अपनी मां निर्मला को फोन कर दरवाजा खुलाया। मां ने उससे खाने के लिए पूछा, लेकिन उसने मना कर दिया और फिर अपने कमरे में चला गया। सुबह आशीष मंदिर में जाने के लिए नहीं उठा तो बहन सारिका ने उसे फोन किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उसने दरवाजा खटखटाया तो भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। सारिका ने दूसरी चाबी से कमरा खोला तो आशीष का शव खून से लथपथ हालत में पड़ा था। उसके हाथ में लाइसेंसी पिस्तौल थी। सूचना पर चांदनी बाग थाना पुलिस ने एफएसएल टीम के साथ साक्ष्य जुटाए और जांच के लिए मधुबन लैब में भेजा। आत्महत्या के कारण की पुलिस जांच कर रही है। बताया जा रहा है कि आशीष रात में किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रहा था। इस दौरान उसने खुद को गोली मारी है। पुलिस ने आशीष के मोबाइल को भी कब्जे में लिया है। पुलिस के अनुसार, सभी पहलुओं की जांच के बाद ही आत्महत्या का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
चांदनी बाग थाना प्रभारी संदीप का कहना है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस ने पिस्टल और युवक के मोबाइल को कब्जे में लिया है। विभिन्न पहलुओं पर जांच चल रही है। आत्महत्या के कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सके हैं।