पानीपत। स्वास्थ्य विभाग लगातार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाओं को विस्तार कर रहा है। अब स्वास्थ्य विभाग ने नेत्र रोगियों की परेशानियों को दूर करने के लिए बापौली, ददलाना व खोतपुरा में आंखों की जांच की सेवाएं शुरू कर दी है। तीनों ही स्वास्थ्य केंद्रों में एक एक ऑप्टोमेट्रिस्ट हैं। यहां लोगों की आंखों की जांच कर प्राथमिक उपचार किया जा रहा है। अगर रोग गंभीर है तो उन्हें जिला नागरिक अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। यहां मोतियाबिंद के रोगियों को भी चिह्नित कर जिला नागरिक अस्पताल में भेजा जा रहा है। फिलहाल तीनों केंद्रों की ओपीडी मिलाकर लगभग 100 हैं। स्वास्थ्य विभाग अब मोतियाबिंद की सर्जरी बढ़ाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में जांच शिविर भी लगाएगा क्योंकि पानीपत स्वास्थ्य विभाग मोतियाबिंद सर्जरी में काफी पिछड़ा हुआ है।
जिला नागरिक अस्पताल में हर माह नौ-दस की औसत से मोतियाबिंद की सर्जरी हो रहीं हैं। पिछले एक साल में महज 115 आई सर्जरी हुई हैं। पानीपत प्रदेश में टॉप टेन से भी बाहर है। जबकि पानीपत के सिविल सर्जन व डिप्टी सिविल सर्जन खुर्द आई सर्जन हैं। इनके अलावा दो और आई सर्जन हैं। बावजूद इसके सर्जरी में पानीपत की हालत ठीक नहीं है। 2022 में भी लगभग 100 सर्जरी ही हुई थी। सिविल सर्जन को मुख्यालय से आई सर्जरी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पानीपत नेत्रदान में प्रदेश में पहले स्थान पर है। एक साल में 50 लोगों की नेत्रदान कराई गई है। जागरूकता के लिए 550 शिविर का आयोजन किया गया है।
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जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सेवाएं बढ़ाई जा रही है। अब बापौली, ददलाना व खोतपुरा में आंखों की जांच की सेवाएं शुरू की गई है। वहां मोतियाबिंद के रोगी भी तलाशे जा रहे हैं। पिछले एक साल में सर्जरी कम हुई हैं। इनको बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में शिविरों का भी आयोजन किया जाएगा। हम नेत्रदान कराने में प्रदेश में पहले स्थान पर हैं। हमने एक साल में 50 आई डोनेट कराई हैं। उनका प्रयास है कि जिला नागरिक अस्पताल में फेको से भी सर्जरी शुरू की जाए।