पानीपत। थाना साइबर अपराध पुलिस ने सेवानिवृत प्रधानाचार्य को सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर जबरन वसूली करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विकास निवासी बडोली रेवाड़ी के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त दो मोबाइल बरामद कर शनिवार को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया है।
थाना साइबर अपराध पुलिस प्रभारी अजय ने बताया कि समालखा की एक कॉलोनी निवासी एक सेवानिवृत प्रधानाचार्य ने शिकायत देकर बताया था कि करीब चार साल पहले उनका मोबाइल फोन सोनीपत में गुम हो गया था।
फोन में उसकी पत्नी के साथ निजी पलों की फोटो व वीडियो भी थी। एक अज्ञात इंस्टाग्राम आईडी से उसकी व पत्नी की निजी पलों की वीडियो वायरल करने की धमकी चार नवंबर की रात उसके बेटे की इंस्टाग्राम आईडी पर दी गई है।
ये वीडियो सुनीता अग्रवाल के नाम से बनी आईडी से आई। आईडी यूजर के जरिए दो लाख रुपये की डिमांड की गई है। शिकायत पर थाना साइबर क्राइम में अभियोग दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपी की पहचान और धरपकड़ के प्रयास शुरू कर दिए थे।
पुलिस ने विभिन्न पहलुओं पर जांच कर उक्त वारदात का पर्दाफाश करते हुए शुक्रवार को आरोपी को झज्जर के लोहारी गांव के नजदीक से गिरफ्तार किया। आरोपी विकास निवासी बडोली रेवाड़ी ने पूछताछ इस वारदात को अंजाम देने बारे स्वीकारा।
आरोपी ने पुलिस को बताया उसको कुछ साल पहले रेवाड़ी बस स्टैंड पर एक मोबाइल फोन मिला। उसने देखा तो मोबाइल में उसको एक व्यक्ति और महिला की निजी वीडियो मिली। ये वीडियो उसने अपने मोबाइल में सेव कर ली थी।
बाद में उसने सुनीता अग्रवाल नाम से फेसबुक व इंस्टाग्राम पर एक फर्जी आईडी बनाई और लोगों के पास फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजकर चेट करने लगा। इसी बीच उसको वीडियो वाले व्यक्ति के बेटे की इंस्टाग्राम आईडी के बारे में पता चला तो उस आईडी पर वीडियो भेजकर वायरल करने की धमकी देकर दो लाख रुपये मांगे थे।