पानीपत। शहर में गंदगी के खिलाफ अनोखा विरोध करना एक युवा समाजसेवी को भारी पड़ गया। विरोध में कूड़े के ढेर पर बैठकर शहर के कुछ युवा समाजसेवियों ने पहले तो खाना खाया, मगर कुछ ही देर बार इनमें से एक को उल्टी शुरू हो गई। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां दवा लेने के बाद उन्हें राहत मिली। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने निगम प्रशासन और शहर की सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ये तो पिकनिक स्पॉट है। इसलिए वे यहां आए हैं और शाम को स्थिति पलट गई। युवा समाजसेवी को अस्पताल से दवा लेकर पीछा छुड़ाना पड़ा।
सेक्टर 25 स्थित जिमखाना क्लब के सामने डंपिंग यार्ड में पड़े कूड़े के विरोध में युवा विरोध प्रदर्शन का अजीबो गरीब तरीका लेकर कूड़े के ढेर पर खाना खाने पहुंच गए। कूड़े के ढेरों पर इन्होंने कुर्सी-मेज लगाई और नाश्ता किया। इस नाश्ते पर कूड़े पर बैठी मक्खियां भिनभिना रही थीं। इसके बाद शहर के अधिकारियों और नेताओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। युवाओं का प्रदर्शन का यह तरीका शहर में चर्चा रहा।
विरोध प्रदर्शन के दौरान कूड़े पर खाना खाने वालों में हिमांशु शर्मा, विक्की सरोहा, अक्षय मिगलानी, रिक्की अरोड़ा, नीरज सैनी, गौरव मदान, अनिल शर्मा, कपिल सपरा, अमित, दीपक, सौरभ, अभिषेक चुघ, भानु और राजपाल, अखिलेश मेंहदीरता, अश्वनी शर्मा और राहुल गाबा शामिल रहे। कुछ ही देर बाद इनमें से अक्षय मिगलानी की तबीयत खराब हो गई। उन्हें उल्टी होने लगी। हालांकि अब उनकी हालत ठीक है। युवा समाजसेवियों ने कहा कि शहर वासियों को अब इस गंदगी की आदत डाल लेनी चाहिए, क्योंकि जेबीएम कंपनी ने पूरे शहर को कूड़े के ढेरों से भर दिया है। डंपिंग प्वाइंट चहारदीवारी की जगह पर बना हुआ था, लेकिन करोड़ों के टेंडर के बाद भी गंदगी खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इससे लोगों में रोष है। उन्होंने कहा कि अगर इन गंदगी के ढेरों को यहां से नहीं हटाया गया तो जन आंदोलन किया जाएगा।