पानीपत। एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन (एसीक्यूएम) ने जेनरेटर पर पाबंदी को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। अधिकारियों ने फाइनल ड्राफ्ट को मानने से इनकार कर दिया और जेनरेटर को लेकर नए नियम एक अक्तूबर से ही लागू करने का फैसला किया है। पहले इसका समय तीन महीने बढ़ाने के लिए ड्राफ्ट तैयार किया गया था। एसीक्यूएम ने इसमें 25 केवीए तक के जेनरेटर में ड्यूल किट लगाने की छूट दे दी है। इससे अब उद्योगपति अपने उद्योग चलाने के लिए बगैर किट के जेनरेटर नहीं चला पाएंगे। दूसरी ओर बिजली कटौती से उद्योगों का कामकाज काफी प्रभावित रहेगा।
एयर क्वालिटी मैनेजमेंट कमीशन ने एक अक्तूबर से जेनरेटरों को बंद रखने के लिए कहा है। अगर किसी उद्योग का जेनरेटर चलता मिला तो प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड उस पर कार्रवाई करेगा। आदेश में स्पष्ट है कि 25 केवीए से कम क्षमता वाले जेनरेटरों में कोई किट नहीं लगाई जाएगी। इसमें कोई बदलाव भी नहीं होगा। 25 से 140 केवीए क्षमता तक के जेनरेटर पर गैस और डीजल वाली ड्यूल किट लगानी होगी। 140 केवीए से ऊपर की क्षमता वाले जेनरेटर पर ड्यूल किट या आरईसीडी में से एक किट लगानी पड़ेगी। आरईसीडी किट एक तरह से फिल्टर का काम करेगी, जो धुएं में 2.5 पीएम को कंट्रोल करेगी।
पानीपत के उद्योगपति हर साल करोड़ों रुपये का व्यापार करते आ रहे हैं। ऐसे में उद्योगपतियों के सामने समस्या आना लाजिमी है। सरकार और उद्योगपतियों के बीच तालमेल बनाने का प्रयास किया जा रहा है ताकि पानीपत के उद्योगाें पर किसी प्रकार का दुष्प्रभाव न पड़े।
- भीम राणा, अध्यक्ष, हरियाणा एन्वायरमेंट मैनेजमेंट सोसायटी।
सरकार की इस नीति का प्रभाव जिलेभर के उद्योगाें पर पड़ेगा। हम प्रयासरत हैं कि सरकार की ओर से उद्योगों को राहत दी जाए। अगर जेनरेटर बंद हुए तो कम से कम बिजली उपलब्ध करवाने को लेकर सरकार तक अपनी बात पहुंचाने का काम करेंगे।
- नितिन अरोड़ा, प्रधान, डायर्स एसोसिएशन।