- जिला नागरिक अस्पताल में स्टेज बी, सी का इलाज न होने से मरीजों को परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
पानीपत। हेपेटाइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसके बारे में लोगों को जागरूकता की कमी है और वे एक-दूसरे से बात करने से कतराते हैं। हेपेटाइटिस एल्काेहल और फास्ट फूड के ज्यादा सेवन से हो रहा है। युवाओं में अल्कोहलिक हेपेटाइटिस ( काला पीलिया ) व गर्भवती महिलाओं में खून में हेपेटाइटिस होने का खतरा बढ़ने लगा है। जिला नागरिक अस्पताल में हेपेटाइटिस के मरीज बढ़ने लगे हैं लेकिन अस्पताल में हेपेटाइटिस की स्टेज बी, सी का इलाज न होने से मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल हेपेटाइटिस दिवस 28 जुलाई को मनाया जाता है। ताकि लोग इसके बारे में जागरूक हों और इलाज के लिए स्वयं आगे आएं। युवा एल्कोहल व फास्ट फूड का ज्यादा सेवन कर रहे हैं इसलिए वे काला पीलिया या फैटी लीवर का शिकार हो रहे हैं। काला पीलिया या फैटी लीवर होने से व्यक्ति का लीवर एक स्थिति में बिल्कुल काम करना बंद करता है। इसलिए लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। जिला नागरिक अस्पताल में फिजिशियन डाॅ. जैसमीन कौर ने बताया कि एल्कोहल के सेवन से एल्कोहल हेपेटाइटिस ( काला पीलिया ) हो सकता है जो एक गंभीर लीवर की बीमारी है। वहीं फास्ट फूड से फैटी लीवर की समस्या बढ़ रही है जो हेपेटाइटिस का कारण बन रही है।
लीवर व काला पीलिया की बढ़ती समस्या चिंता का विषय है। ज्यादातर युवा या गर्भवती इसकी चपेट में आ रही हैं। छोटे बच्चों में भी काला पीलिया के लक्षण देखने को मिल सकते हैं क्योंकि यह खून से भी फैलता है। अस्पताल में स्क्रीनिंग के माध्यम से अब इसकी जांच की जाती है और समय पर इलाज के द्वारा इसे रोका जा रहा है।
पर्याप्त दवा उपलब्ध
सीएमओ डॉ. विजय मलिक ने बताया कि अस्पताल में हेपेटाइटिस के इलाज के लिए दवा पर्याप्त है। ज्यादा गंभीर केस में मरीज को रोहतक या चंडीगढ़ रेफर किया जाता है। लोगों को जागरूक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा हेपेटाइटिस दिवस पर 28 जुलाई को अस्पताल में जागरूकता कार्यक्रम किया जाएगा।