दवा लेने के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
- फोटो : credit
पानीपत। औद्योगिक नगरी में धूम्रपान और शराब का सेवन बढ़ गया है। ऐसे में पैंक्रियाटाइटिस बीमारी बढ़ने लगी है। जिला नागरिक अस्पताल में इसके केस तेजी से आने लगे हैं। पहले अस्पताल में जहां एक महीने में एक या दो मरीज आते थे वहीं अब हर सप्ताह दो से तीन मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पताल के तृतीय तल पर इन मरीजों का इलाज व ऑपरेशन के बाद रखा जाता है। इस बीमारी में मरीज के पेट में जख्म हो जाते हैं, आंखे पीली पड़ जाती हैं, मोटापा बढ़ जाता है। शुरुआती लक्षण में ही इलाज लेने व परहेज करने पर इस बीमारी से जीता जा सकता है। यदि मरीज क्रॉनिक स्टेज पर पहुंच जाए तो उसे बचाना मुश्किल है।
जिले में बच्चों से लेकर युवा और बड़ी उम्र के लोग धूम्रपान व शराब का सेवन करने लगे हैं। कम उम्र में ही गंभीर बीमारियों का कारण बन रहा है। पैंक्रियाटाइटिस एक ऐसी बीमारी है जिसमें व्यक्ति को दूसरी व अंतिम स्टेज पर पहुंचने के बाद बचाना मुश्किल होता है। यह बीमारी ज्यादा शराब का सेवन करने और धूम्रपान करने से हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में छह महीने से प्रति सप्ताह दो से तीन मरीज इस बीमारी के पहुंचने लगे हैं जिन्हें इलाज या ऑपरेशन के बाद तृतीय तल पर भर्ती किया जाता है। आहार विशेषज्ञ नेहा ने बताया कि पैंक्रियाटाइटिस में पेट में जख्म व दर्द रहने लगता है और मोटापा या सूजन आ जाती है। यह व्यक्ति की पाचन शक्ति को खत्म कर देता है। इसकी मुख्यत दो स्टेज होती हैं पहली तीव्र पैंक्रियाटाइटिस में शरीर पर अचानक सूजन हो जाती है यह सूजन कुछ दिनों तक रहती है उसके बाद सही इलाज व दवा से ठीक हो जाती है यदि व्यक्ति चिकित्सक के बताए अनुसार परहेज करता है और दूसरी क्रॉनिक पैंक्रियाटाइटिस बीमारी की अंतिम स्टेज होती है जहां व्यक्ति को बचाना मुश्किल होता है। लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। जीवन में धूम्रपान व शराब का सेवन त्याग हरी सब्जियों का सेवन करना चाहिए जो हमें ज्यादातर बीमारियों से बचाकर रखती हैं।
लक्षण-
- पेट में जख्म और दर्द होना
- पाचन शक्ति कमजोर होना
- अचानक वजन घटना या बढ़ना
- आंखें पीली पड़ना
- पीठ की थैली में पत्थरी आने लगना
वर्जन :
अस्पताल में पैंक्रियाटाइटिस के मरीजों की संख्या पहले से बढ़ी है। अस्पताल में मरीजों को इलाज व दवा दी जा रही है साथ ही विभाग की टीम लोगों को शराब और धूम्रपान के दुष्परिणाम बताकर उन्हें जागरूक कर रही है।
डॉ. श्यामलाल, एमएस, जिला नागरिक अस्पताल।