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सफाई के प्रयासों की परीक्षा 20 नवंबर को, आएंगे तीन परिणाम

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पानीपत। शहर की साफ सफाई में नगर निगम के प्रयासों की परीक्षा का परिणाम 20 नवंबर को आएगा। इसमें एक साथ तीन स्वच्छ सर्वेक्षण 2021, सफाई मित्रा सुरक्षा अभियान और जीएफसी यानी गारबेज फ्री सिटी यानी कूड़ा मुक्त शहर अभियान का परिणाम आएगा। इसकी घोषणा मिनस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स ने कर दी है।
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स्वच्छ सर्वेक्षण 2020 में देश के करीब 4 हजार शहरों ने स्वच्छ सर्वेक्षण में भाग लिया था। इसमें पानीपत नगर निगम की 160 वीं रैंकिंग आई थी। वहीं, प्रदेश के 17 शहरों ने इसमें भाग लिया था, जिसमें पानीपत का 10वां नंबर रहा था। अबकी बार स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 में देश के 4320 शहर इसमें अपनी भागीदारी निभा चुके हैँ। प्रदेश में भी कई शहर प्रतिद्वंद्वी हो चुके हैं। निगम के सामने अच्छी रैंकिंग लेना इस बार चुनौती से कम नहीं होगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2021 कुल 6000 अंकों का था। इसमें शहर की साफ सफाई के आधार पर सर्वेक्षण टीम अंक देगी। जिसमें शहर के लोगों का फीडबैक भी अपना अहम योगदान निभाएगा। इसके अलावा जीएफसी यानी गारबेज फ्री सिटी कुल 1100 अंकों का था, जिसमें निगम अपनी भागीदारी तक दर्ज नहीं करवा पाया था। इससे निगम को सीधा 1100 अंकों का झटका लगेगा। निगम द्वारा इसमें अपनी भागीदारी तक दर्ज न करवा पाने से इस भाग के सर्वेक्षण के ऑडिट में निगम फेल तक साबित हुआ था।
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इसके अलावा सफाई मित्रा सुरक्षा अभियान कुल 1000 अंकों का था। इसमें पूरे देश से केवल 413 शहर ही प्रतिभागिता दर्ज करवा पाए थे। बाकी शहर इस प्रतियोगिता के योग्य तक नहीं मिले। हालांकि स्वच्छ भारत मिशन 2 में इस अभियान की सबसे ज्यादा आवश्यकता होगी। इसमें पब्लिक हेल्थ के साथ नगर निगम की सफाई शाखा की मुख्य भागीदारी रहेगी। इसके अंतर्गत सीटी-पीटी टॉयलेट, मैनहोल, सीवरेज लाइन, खुले में गंदा पानी तक, नालियों की सफाई तक पर नजर रखी जाएगी।
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- अभी तक शहर से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन तक का सौ प्रतिशत तक काम नहीं हो पाया है।
- शहर में सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। तकरीबन हर गली चौराहे पर गंदगी के ढेर हैं।
- शहर की सीवरेज व्यवस्था लगभग ठप है, वार्ड 23 व 16 समेत सभी ग्रामीणों वार्डां के हालात दयनीय हैं।
- शहर के सार्वजनिक शौचालयों की हालात खस्ता है। इनमें न पानी और न ही सफाई है, यहां पोस्टर बैनर तक नहीं हैं।
- शहर की मोबाइल टॉयलेट तक गायब हैं, शौचालयों में फायर बिग्रेड से पानी भरने की नौबत तक आती है।
- किसी भी शौचालय की स्थिति सही नहीं है। न लाइट, न पानी, न साबुन, न सफाई।
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