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Panipat News: हर 29 वां नवजात ऑपरेशन से दुनिया में खोल रहा आंखें

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पानीपत। जिले में हर 29 वां नवजात ऑपरेशन से दुनिया में आखें खोल रहा है। पिछले सात माह में निजी अस्पतालों में 50.68 प्रतिशत सिजेरियन डिलीवरी हुई हैं। जबकि सरकारी अस्पतालों में महज 14 प्रतिशत सिजेरियन डिलीवरी हुई है। उपरोक्त स्थिति से निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। सिविल सर्जन ने इस मामले में कमेटी को जांच के निर्देश दिए हैं।
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उल्लेखनीय है कि निजी अस्पतालों में सरकारी के मुकाबले लगभग साढ़े तीन गुना अधिक सिजेरियन डिलीवरी हुई है। निजी अस्पतालों में हो रही सिजेरियन डिलीवरी पर उठ रहे सवाल के मद्देनजर सिविल सर्जन ने इन मामलों की जांच कराने का निर्णय लिया है। इसके लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है जो निजी अस्पतालों में हुई सिजेरियन डिलीवरी के केस की स्टडी करेगी। इसकी रिपोर्ट सिविल सर्जन को सौंपी जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगामी कार्रवाई कर जाएगी। गौरतलब है कि एक अप्रैल से 31 अक्तूबर तक जिले में कुल लगभग 15 हजार डिलीवरी हुई हैं। इनमें 6142 डिलीवरी निजी अस्पतालों में हुई है। इनमें से 3113 सिजेरियन डिलीवरी हुई हैं।
जिला नागरिक अस्पताल में 8858 डिलीवरी हुई हैं। इनमें महज 14 प्रतिशत यानि 1322 सिजेरियन डिलीवरी हुई हैं। सरकारी अस्पताल की एक महिला रोग विशेषज्ञ ने बताया कि उनका प्रयास रहता है कि सामान्य डिलीवरी हो। प्रसूता को जल्द छुट्टी मिले और उसकी जल्द रिकवरी हो। जिला नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन 35-40 डिलीवरी होती हैं। सिजेरियन डिलीवरी में महिला को रिकवरी करने में 15 दिन से अधिक का समय लगता है। इसके विपरीत निजी अस्पताल के डॉक्टर सामान्य डिलीवरी की बजाय सिजेरियन डिलीवरी को ज्यादा प्रमुखता देते हैं, सामान्य डिलीवरी में डॉक्टर को आठ से 10 हजार रुपये मिलते हैं जबकि सिजेरियन डिलीवरी में 50 हजार तक की फीस होती है। यह निजी अस्पतालों में सिजेरियन डिलीवरी का बड़ा कारण है।
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फिलहाल जिला नागरिक अस्पताल से रेफरल का प्रतिशत भी शून्य है। सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में निजी स्वास्थ्य केंद्रों के मुकाबले 10 प्रतिशत अधिक डिलीवरी हो रही हैं। यहां छह महिला रोग विशेषज्ञ हैं। 2022 तक जिला नागरिक अस्पताल से रेफरल का दर 15 प्रतिशत तक था, अब यह घटकर लगभग जीरो प्रतिशत पर आ चुका है।


वर्जन-
गर्भवती को रेफर करने का देना होगा ठोस कारण

जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि जिले में 15 डिलीवरी हट है। डॉक्टरों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अगर किसी गर्भवती को रेफर किया जाता है तो इसका ठोस कारण देना होगा। कारण ठोस न होने पर डॉक्टर को नोटिस भी दिया जाएगा। अब निजी अस्पतालों में 50 प्रतिशत से अधिक सिजेरियन डिलीवरी हुई हैं। इस संबंध में एक बैठक बुलाई जाएगी। केस स्टडी होगी, अगर इसमें निजी अस्पतालों का स्वार्थ मिला तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
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