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Panipat News: मिर्गी के दौरे बढ़े, नवजात भी हो रहे शिकार

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जिला नागरिक अस्पताल में पंजीकरण के लिए लाइन में लगे मरीज। संवाद
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पानीपत। सर्दी के मौसम में मिर्गी का दौरा आने के मामले बढ़ गए हैं। जिला नागरिक अस्पताल में दिसंबर माह में ही 251 मामले सामने आए हैं, इनमें लगभग 30 नए मामले शामिल हैं बाकी के मामले पुराने हैं। यानी जिला नागरिक अस्पताल में मिर्गी के दौरे का हर रोज एक केस आया है, इसमें बड़े और बुजुर्गों के साथ बच्चों में भी मिर्गी की शिकायत आ रही है। बच्चों में मिर्गी आने का बड़ा कारण गर्भावस्था के दौरान मां का धूम्रपान करना या धुएं के संपर्क में रहने के साथ उनका अल्कोहल का सेवन कर नवजात को मानसिक रोगी बना रहा है।
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जिला नागरिक अस्पताल में हाल में मात्र चार माह के नवजात को मिर्गी का दौरा पड़ने का मामला आया है। नवजात के मुंह से झाग निकलने लगा और वह बेसुध हो गया। हाथ-पैर मुड़ गए। चिकित्सकों ने जांच के बाद दवा शुरू की है, साथ ही उसकी मां को भी धूम्रपान व अल्कोहल से दूर रहने की सलाह दी है। अस्पताल में मनोरोग काउंसलर विनोद ने बताया कि मिर्गी का दौरा भी एक बीमारी है। अब बच्चों में भी होने लगा है। चार महीने के बच्चों को मिर्गी का दौरा पड़ रहा है। यह सामान्य नहीं है। इसमें नवजात का मानसिक रूप से कमजोर होना या मस्तिष्क की नसों की सही ग्रोथ न होना कारण है। यह गर्भावस्था में मां का धूम्रपान करना या अल्कोहल का सेवन करने के कारण होता है, इसलिए महिलाओं को गर्भावस्था में धूम्रपान व अल्कोहल के सेवन से बचना चाहिए और हरी सब्जियों व पौष्टिक आहार का सेवन करना चाहिए।


माता-पिता की लापरवाही बच्चों पर भारी
महिलाओं की गर्भावस्था में थोड़ी-सी लापरवाही बच्चे को मानसिक रूप से कमजोर बना रही है। गर्भावस्था में मां को अपने खाने-रहने का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। गर्भावस्था के दौरान जो महिलाएं धूम्रपान या अल्कोहल का सेवन कर रही हैं उनके बच्चे मानसिक बीमारियों से ग्रस्त हो रहे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में प्रति सप्ताह आठ से 10 मरीज मानसिक रूप से परेशान पहुंच रहे हैं। हाल में अस्पताल में चार माह का बच्चा मिर्गी के दौरा का पहुंचा है।
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लक्षण-
- हाथ-पैर का मुड़ना
- मुंह से झाग आना
- बेसुध हो जाना
ये करने से बचे-
- पीड़ित को उस समय पानी न पिलाएं
- सीधा लिटाने की अपेक्षा पीड़ित को करवट करके लिटाएं
- झाड़-फूंक का सहारा लेने के स्थान पर चिकित्सक से परामर्श लें।

वर्जन
गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को अपने स्वास्थ्य का अतिरिक्त ध्यान रखना चाहिए। मां की लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ जाती है। गर्भावस्था में धूम्रपान, अल्कोहल, तनाव से बचना चाहिए। जन्म के बाद बच्चे पर इनका प्रभाव देखने को मिल रहा है, इनसे बच्चे मानसिक रूप से कमजोर पैदा हो रहे हैं या उन्हें मिर्गी के दौरे पड़ने शुरू हो जाते हैं।
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- डॉ. मोना नागपाल, मनोरोग विशेषज्ञ, जिला नागरिक अस्पताल।
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