फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: डाइंग सेक्टर के उद्यमियों को एक साथ थमाए 14 साल के सीवर बिल

विज्ञापन
बैठक में अधिकारी से फोन पर बात करते चेयरमैन विनोद धमीजा। संवाद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। डाइंग सेक्टर के उद्यमियों को 14 साल तक के सीवर बिल एक साथ भेजे जाने से उद्योग जगत में रोष है। कई इकाइयों को 10 लाख से 80 लाख और कुछ को एक करोड़ रुपये से अधिक के बिल थमाए गए हैं। शुक्रवार को हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स के बैनर तले तीसरे दिन जिमखाना क्लब में फिर अधिकारियों और उद्यमियों की संयुक्त बैठक हुई।
नाराज उद्यमियों ने भारी-भरकम बिलों को निरस्त या माफ करने और पुराने बकाया के लिए वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लागू करने की मांग की। पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने बताया कि सेक्टर-29 पार्ट-2 के डाइंग उद्यमियों को वर्ष 2012 और उससे पुराने समय से लेकर अब तक के सीवर बिल एक साथ भेजे गए हैं।
विज्ञापन

एचएसवीपी के एक्सईएन जगमाल ने बताया कि वर्ष 2012 या उससे पहले के बिलों को विभागीय स्तर पर सीधे माफ करने का प्रावधान नहीं है। इसके लिए उच्च स्तर पर वन टाइम सेटलमेंट स्कीम लाई जा सकती है। चैंबर अध्यक्ष विनोद धमीजा ने कहा कि एचएसवीपी इस संबंध में प्रेजेंटेशन तैयार करे और चैंबर उद्यमियों के साथ सरकार के समक्ष मामला उठाएगा।
उद्यमियों ने बताया कि भारी-भरकम बिलों के बावजूद सेक्टर में सीवर व्यवस्था बदहाल है। सीवर का गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, मैनहोल के ढक्कन टूटे हैं और लाइनें अवरुद्ध हैं। जेई को बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा। उद्यमियों ने कहा कि एक तरफ सुविधाएं नहीं मिल रहीं, दूसरी तरफ प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से कार्रवाई की जाती है।
अध्यक्षता चैंबर के अध्यक्ष विनोद धमीजा ने की। बैठक में एचएसवीपी के एक्सईएन जगमाल के समय पर नहीं पहुंचने पर उद्यमियों ने नाराजगी जताई। बैठक सुबह सवा 11 बजे शुरू हुई, जबकि एक्सईएन 12:40 बजे पहुंचे। विनोद धमीजा ने कहा कि पांच बैठकों में एक्सईएन एक बार भी शामिल नहीं हुए, जबकि उद्यमियों की कई समस्याएं उनके विभाग से जुड़ी हैं। एक्सईएन ने कहा कि उन्हें बैठक की जानकारी नहीं थी और वे उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान कराते हैं।

अतिक्रमण और टूटी सड़कों से ट्रांसपोर्ट व्यवस्था प्रभावित
बैठक में शॉपिंग कॉम्प्लेक्स की जमीन पर अवैध झुग्गियों के कब्जे और बिजली चोरी का मुद्दा भी उठाया गया। सेक्टर-29 पार्ट-1 के प्रधान एचएस धम्मू ने बताया कि सड़कों की हालत खराब है और ट्रांसपोर्ट नगर की जमीन पर अतिक्रमण के कारण भारी वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है। नगर निगम के डीएमसी अरुण भार्गव ने कहा कि एचएसवीपी और निगम की संयुक्त टीम जल्द सेक्टरों का दौरा करेगी। इसके बाद सड़क निर्माण और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।
डीएमसी के आदेश के बाद भी नहीं लगा पंप
उद्यमी मोहनलाल गर्ग ने अग्रसेन चौक से रिसालू रोड की सीवर समस्या उठाई। उन्होंने कहा कि सीवर जाम होने के कारण सड़क पर पानी जमा है। अधिकारियों ने जेनरेटर और पंप लगाने का भरोसा दिया था, लेकिन अभी तक पंप नहीं लगाया गया। डीएमसी अरुण भार्गव ने खुद मौके का निरीक्षण कर जल्द पंप लगाने और सीवर समस्या का स्थायी समाधान कराने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन

25 साल से सड़क की दूसरी तरफ नहीं मिली सीएलयू
उद्यमी सुरेश गर्ग ने बताया कि अग्रसेन चौक से आगे सड़क की एक तरफ निर्माण हो चुका है, लेकिन दूसरी तरफ सीएलयू नहीं मिलने के कारण 25 साल से काम अटका हुआ है। इसका कई बार सर्वे हो चुका है और फाइल रोहतक व पानीपत कार्यालय के बीच घूम रही है। एचएसवीपी के ईओ प्रतीक हुड्डा ने बताया कि इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है और जल्द मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें