माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। अमेरिका टैरिफ और पश्चिमी एशिया में तनाव के बीच हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और दूसरे विभागों की सख्ती पर उद्यमियों ने चिंता जताई है। उद्यमियों ने साफ कहा कि इस स्थिति में उद्योग चला पाना मुश्किल हो गया है। इसके बंद होने का संकट गहरा गया है।
उद्यमियों ने अपनी समस्या मंगलवार को एसडी कॉलेज सभागार में मंगलवार को लघु उद्योग भारती द्वारा आयोजित लघु उद्योग सम्मेलन में उठाई। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय संगठन मंत्री प्रकाश, प्रदेशाध्यक्ष रमन सलूजा, प्रदेश उपाध्यक्ष अरविंद धूमल, कार्यसमिति सदस्य शुभ आदेश मित्तल, अरुण बजाज और प्रदेश महामंत्री मनोज रंगटा रहे।
लघु उद्योग भारती के जिलाध्यक्ष कपिल गुप्ता ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सम्मेलन में उद्योगपतियों के सुझावों और समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रदेशाध्यक्ष विनोद खंडेलवाल, अतुल मित्तल, राजपाल, रजनीश गर्ग व एक्सपोर्टर एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल मौजूद रहे।
संगठन मंत्री प्रकाश ने कहा कि लघु उद्योग भारती देशभर के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की आवाज बना हुआ है। पिछले 32 साल से उद्यमियों की समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है। वे आगे भी उद्यमियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करेंगे।
एक फैक्ट्री लगाने के लिए 31 विभागों से लेनी होती है एनओसी : धमीजा
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हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर के प्रधान विनोद धमीजा ने कहा कि एक फैक्टरी लगाने के लिए 31 विभागों से एनओसी लेनी होती है। इससे उद्यमियों का समय और संसाधन दोनों लग रहे हैं। ऐसे में सिंगल विंडो की व्यवस्था की जानी चाहिए। वे लंबे समय से इसकी मांग उठा रहे हैं। इस दिशा में काम नहीं किया गया है।
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सेक्टर-29-वन के प्रधान श्रीभगवान अग्रवाल ने कहा कि उद्यमियों के लिए सरकार को योजनाएं लेकर आनी चाहिए। खासकर युवाओं को अवसर देने की जरूरत है। औद्योगिक सेक्टरों में ईएसआई अस्पताल नहीं बन पाया है। यह मांग लंबे समय से उठा रहे हैं। उद्यमी भीम राणा ने कहा कि बिजली, मजदूरी और रंगाई महंगी हो गई हैं।
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पानीपत डायर्स एसोसिएशन के प्रधान नितिन अरोड़ा ने कहा कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के नियमों के चलते काम करना मुश्किल हो गया है। नियमों के साथ तय कंपनियों के उपकरण खरीदने का दबाव है। ऐसे में काम कर पाना मुश्किल हो गया है।