फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Panipat News: उद्यमियों को नहीं मिला जेडएलडी प्रोजेक्ट, भूजल का हो रहा दोहन

Sat, 20 Sep 2025 12:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
विज्ञापन
औद्योगिक नगरी में टूटी पड़ी सड़के। संवाद
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

पानीपत। जेडएलडी (जीराे लिक्विड डिस्चार्ज) प्रोजेक्ट दस साल बाद भी सिरे नहीं चढ़ पाया है। केंद्र व प्रदेश सरकार के संयुक्त प्रोजेक्ट पर करीब 500 करोड़ रुपये की लागत आनी है। हालांकि चार साल पहले इसके लिए सेक्टर-29 के आसपास जमीन देखने का भी दावा किया था। अब यह प्रोजेक्ट फाइलों में दबकर रह गया है। ऐसे में उद्यमियों खासकर डाइंग उद्योगों को भूजल का सहारा लेना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार पानीपत का अधिकतर उद्योग डाइंग उद्योग पर निर्भर है। सरकार ने डाइंग यूनिटों के लिए 2002 में अलग से सेक्टर काटा था। सेक्टर-29 पार्ट-टू में करीब 650 डाइंग यूनिट हैं। इसके अलावा शहर में अलग-अलग स्थानों पर डाइंग यूनिट लगी हैं। इनमें पानी की मांग सबसे अधिक रहती है। उद्यमियों ने करीब दस साल पहले जेडएलडी प्रोजेक्ट की मांग की थी। सरकार ने इसकी घोषणा भी की थी। यह अब तक ये प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है।
विज्ञापन

यह है जेडएलडी प्रोजेक्ट
जेडएलडी अपशिष्ट जल प्रबंधन तकनीक है। जो उद्योगों से निकलने वाले सभी तरल अपशिष्ट को पर्यावरण में छोड़ने से पहले उपचारित और पुन: उपयोग करती है। जिससे केवल ठोस अवशेष बचते हैं। डाइंग उद्योगों के लिए यह प्रणाली प्रस्तावित है। इससे पानी का संकट दूर होगा और भूजलस्तर भी बना रहेगा। साथ ही पर्यावरण प्रदूषण भी कम होगा। इसमें उत्पन्न शुद्ध पानी को पुनः उद्योग में ही प्रयोग किया जा सकता है।
जेडएलडी की लंबे समय पहले मांग की थी। केंद्र व प्रदेश सरकार द्वारा इसको बनाया जाना है। इसके लिए जमीन देख लेने की बात कही थी। इसके बाद प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाया है। ऐसे में उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन


प्रदेशाध्यक्ष, हरियाणा एंवायरमेंट मैनेजमेंट सोसायटी।
डाइंग उद्योग के लिए पानी की जरूरत है। जेडएलडी जैसे प्रोजेक्ट से इसकी पूर्ति की जा सकती है। वे सरकार के सामने कई बार इसकी मांग रख चुके हैं। इसको जल्द ही सिरे चढ़ाने की आवश्यकता है।
नीतिन अरोड़ा, प्रधान पानीपत डायर्स एसोसिशन
जेडएलडी प्रोजेक्ट प्रस्तावित है। उद्यमी इसकी पहले से मांग कर चुके हैं। इसकी रिपोर्ट ली जाएगी। प्रदेश सरकार के सामने भी इस प्रस्ताव को भेजा जाएगा।
डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया, उपायुक्त।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें